दांत निकालते समय बच्चों को क्यों लगते हैं दस्त?

6 महीने से डेढ़ साल के बीच में दांत आ जाते हैं। जैसे जन्म लेना एक नेचुरल प्रोसेस है उसी तरह बच्चों के दांत आना भी एक नेचुरल प्रक्रिया है। मगर, इस दौरान बच्चों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती है जैसे चिड़चिड़ापन, दूध ना पीना, रात में बार-बार उठना, उल्टी या दस्त लगना आदि।

बच्चों के दांत आने पर होने वाले दर्द से कैसे राहत दिलाएं?

. सबसे पहले अपने नाखूनों को काट लें। अब हाथों को अच्छी तरह साफ करके बच्चों के मसूड़ों पर मसाज करें। इससे उन्हें राहत मिलेगी।

. मलमल के साफ कपड़े को फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें। फिर उससे दांतों के मसूड़ों की मसाज करें। यह दर्द के लिए कोल्ड टीथर (जममजीमत) की तरह काम करेगा।

. आप डॉक्टर की सलाह से बच्चों को पेरासिटामोल ड्रॉप्स दवा भी दे सकती हैं लेकिन बिना प्रीकपशन बच्चों को कोई भी मेडिसन ना दें।

खाने पीने के लिए कैसे चीजें दें?

जब भी बच्चा दांत निकाल रहा हो तो उसकी डाइट में कैल्शियम फूड्स की मात्रा बढ़ा दें। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से आप उन्हें सिरप या विटामिन सी ड्राप दे सकते हैं।

दांत निकालते समय बच्चों को क्यों लगती है दस्त?

दरअसल, जब बच्चा दांत निकालता है तो दर्द से राहत पाने के लिए वह तरह-तरह की चीजें मुंह में डालता है। मगर, उनपर कई तरह के जर्म्स , बैक्टीरिया होते हैं जो मुंह से पेट में जाकर दस्त का कारण बनते हैं। इसके लिए आप पहले तो बच्चों के खिलौनों को डेटॉल से अच्छी तरह साफ करें। 

दूसरा डॉक्टर से सलाह से शिशु को कोलिक ड्रॉप्स दें, ताकि उनके पेट में दर्द ना हो।

बच्चे को चबाने के लिए क्या दें?

बच्चों को चबाने के लिए प्लास्टिक की चाबियां या टीथर बिल्कुल ना दें क्योंकि इससे कई तरह के साइड-इफैक्ट्स हो सकते हैं।

. इसकी बजाए गाजर या खीरा को लंबा-लंबा काटकर फ्रिज में रख दें। जब यह ठंडी हो जाए तो बच्चों को चबाने के लिए दें। बच्चा इसे चबाकर फेंक देगा और निगलेगा नहीं। साथ ही इससे उसे आराम भी मिल जाएगा वो भी बिना किसी साइड-इफैक्ट के।

. मार्केट में कई तरह के टीथर बिस्कुट आते हैं, जिन्हें आप उन्हें दांत निकालते समय खाने के लिए दे सकती हैं।

बच्चे के दांत आने पर मां किन बातों का ख्याल रखें

जब बच्चे का पहला दांत आता है उस दिन से ही पेरेंट्स को उनके दांतों की केयर शुरू कर देनी चाहिए। दरअसल, दांत आने के बाद भी कई पेरेंट्स उनके बड़े होने का इंतजार करते हैं, जोकि गलत है। दांत आने के पहले दिन से बच्चों की केयर शुरू कर देनी चाहिए, ताकि आगे चलकर उन्हें किसी भी तरह की कोई समस्या ना हो।

दांत आने के बाद कैसे हो शिशु की डाइट?

जब बच्चे के दांत आ जाए तो उन्हें लिक्विड डाइट अधिक दें, ताकि उनकी टीथिंग प्रोसेस आसान हो जाए। इसके अलावा उन्हें दही, दूध, दाल का पानी, सब्जियों व फलों की प्यूरी, दलिया, खिचड़ी, फ्रैश जूस आदि दें। जब बच्चे दांत निकालते हैं तो  वह मां का दूध नहीं पी पाते ऐसे में उन्हें अधिक से अधिक लिक्विड डाइट दें।