राम-भरत संवाद की चर्चा के साथ ग्रामीणांचल रामायण मेला संपन्न

बांदा/अतर्रा। फतेहगंज क्षेत्र के ग्राम खेरिया में चल रहे पंद्रहवें पांच दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीणांचल रामायण मेले का शनिवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कौशलकिशोर रामायणी ने रामचरित मानस के राम-भरत संवाद की चर्चा करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।साथ ही कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया।

   ग्राम खेरिया के सिद्ध हनुमत कुटी आश्रम में पांच दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीणांचल रामायण मेला के समापन दिवस बसंतोत्सव पर माँ सरस्वती के चित्र पर पूजा अर्चना की गई।उसके उपरांत अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान चित्रकूट के निदेशक गोपाल भाई ने मेले के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि गांवों के विकास और समाज में व्याप्त विसंगतियों के निवारण में ऐसे आयोजनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।ग्राम अर्जुनाह निवासी कौशलकिशोर रामायणी ने रामचरित मानस के राम-भरत प्रसंग पर चर्चा करते हुए भाइयों के अनन्य प्रेम पर प्रकाश डाला। 

कहा कि राम और भरत से भातृ प्रेम की सीख लेकर हमें भाईचारा स्थापित करना चाहिए।आज के दैनिक जीवन मे भाईचारे की कमी है।महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. लल्लूराम शुक्ल ने गीत के माध्यम से नशा से दूर रहने व बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया। हमीरपुर के पं.रवींद्र शुक्ला ने भजन व गीतों के माध्यम से मानवता की सीख दी।कार्यक्रम का संचालन विमलकांत तिवारी ने किया।इस दौरान राहुल द्विवेदी, प्रकाश त्रिवेदी,विवेकबिन्दु तिवारी,रमाकांत अवस्थी, रामनरेश पटेल मौजूद रहे।