'जब प्यार करे कोई तो देखें केवल मन'

आज इंस्टाग्राम पर मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर की एक सुंदर तस्वीर देखी मानों (made for eatch other) अर्जुन की बाँहों में सुकून का साक्षात्कार करते मलाइका मानों दुनिया भूल गई हो ऐसा महसूस होता है, और अर्जुन भी मलाइका पर प्यार लूटाते मानों अपना सबकुछ वार रहा है। ऐसा लगा जैसे इससे सुंदर कुछ ओर हो ही नहीं सकता। दो इंसान के बीच जब प्यार पनपता है तो और कुछ मायने नहीं रखता, तभी तो इन्दीवर जी ने लिखा होगा की, "ना उम्र की सीमा हो न जन्मों का बंधन जब प्यार करे कोई तो देखें केवल मन" जब होता है इश्क तो कहाँ कुछ ओर दिखता है महबूब की आँखों में सारा संसार सुंदर दिखता है। प्यार करने वालों के लिए अमीरी-गरीबी, ऊँच-नीच, ज़ात-पात, उम्र या बाहरी दिखावा कुछ भी मायने नहीं रखता। जिसके साथ मन और दिल अपना सबकुछ बांटने की इजाज़त दे वहाँ एहसास जुड़ जाते है। पर खास कर ऐसे रिश्तों में जब महिला उम्र में बड़ी हो और प्रेमी छोटा तब समाज को ये रिश्ता हरगिज़ हज़म नहीं होता। यही बात मर्दों के लिए मायने नहीं रखती मर्द अपने से 15 साल छोटी लड़की से भी आराम से इश्क फ़रमा सकता है।

 औरतों के लिए आज भी कुछ नहीं बदला। ज़माना चाहे कितना भी आधुनिक और खुले ख़यालात वाला क्यूँ न हो जाए स्त्रियों के लिए समाज ने एक दायरा तय कर रखा है, जिसको लाँघकर कोई स्त्री अपनी मन मर्ज़ी से जीना शुरू करती है तब समाज में बवंडर उठता है। बहुत कम लोग मलाइका अर्जुन की जोड़ी को पसंद करते है। ज़्यादातर लोग इन दोनों को जली कटी सुनाकर ट्रोल करते रहते है। लोगों को समझना चाहिए जब दो परिपक्व उम्र के इंसान आपसी समझ और अपनेपन से एक रिश्ते में जुड़े है तो ये उनकी अपनी मर्ज़ी है, उनकी अपनी ज़िंदगी है क्यूँ उनकी ज़िंदगी में दखल देकर चार बातें सुनाकर ज़लील करना है। प्यार करना कोई गुनाह नहीं अगर ये प्यार सच में रूहानी है और ताउम्र के लिए जुड़ा है तो इससे सुंदर एहसास कोई हो ही नहीं सकता। 

पर अगर सिर्फ़ एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते महज़ कामपूर्ति के लिए जुड़े है तब इससे शर्मनाक और कोई बात नहीं। जब प्यार कर ही लिया है, रिश्ता बँध ही गया है तब रिश्ते की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, ये नहीं की अमन-चमन के बाद एक दूसरे से उब गए और ब्रेक अप कर लिया, तब आप समाज के सामने एक गलत उदाहरण रख रहे हो। बेशक हर इंसान को अपने तरीके से अपनी ज़िंदगी जीने का पूरा हक है, जिसके साथ चाहो जीओ पर जब आप कोई सेलिब्रिटी हो तब समाज के प्रति आपकी एक ज़िम्मेदारी बनती है। आपको लाखों लोग फ़ोलौ करते है, आपकी अच्छी बुरी आदतों से सीखते है, आप कई बच्चों के रोल मॉडल भी हो सकते हो। आपकी जीवन शैली उन पर प्रभाव ड़ाल सकती है। कोई भी काम एक सीमा में रहकर करोगे तब तक पब्लिक आपको सर आँखों पर बिठाकर रखेगी, और आपकी एक गलती पर आसमान से सीधा ज़मीन पर पटक देगी। 

प्यार, इश्क, मोहब्बत एक सुंदर एहसास है तन की आग बुझाने का ज़रिया नहीं। अगर सचमुच एक दूसरे को इतनी शिद्दत से चाहते हो तो बकायदा रीति रिवाज़ के साथ जुड़कर एक हो जाओ, बिना शादी वाला रिश्ता आज भी नाजायज़ ही समझा जाता है। बाकी कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना इससे आपको कोई फ़र्क नहीं पड़ता तो आपकी अपनी ज़िंदगी है जैसे चाहो जिओ।

भावना ठाकर 'भावु' (बेंगलोर,कर्नाटक)