सुरों की ताल में

सुरों की ताल में,

दिल का हाल बता दिया।

कैसे रखु धीरज मैं,

आकस्मिक आपका निधन दिखा दिया।

यादों में अपनी आवाज़ दे गई।

आंसू में अपनी तस्वीर दे गई।

स्वर की देवी कहा था आपको

मधुर संगीत आज भा नहीं रहा।

कैसे भावपूर्ण श्रंद्धाजलि देदु आपको,

पर भाव आ ही नहीं रहा।


प्रतिभा जैन

टीकमगढ़ मध्यप्रदेश