चुनाव के महा संग्राम में बेटा ने सारथी बन सभाली चुनावी रथ की बागडोर

अजय दुबे

कन्नौज। जनपद में यू तो चुनाव रोचक होता जा रहा है। लगभग हर पार्टी अपने नाराज कार्यकर्ताओ से ही लड़ रही है। किसी का कोई गणित नहीं लग पा रहा । अब बात करते है छिबरामऊ विधान सभा के चुनाव की तो यहां जब मेरी टीम ने कुछ जगह का हाल जाना तो आंकड़े चौकाने वाले साबित हो सकते है । भाजपा सपा की टक्कर के साथ बसपा भी पीछे नहीं हैं। पूर्व चेयरमैन सैयद सुल्तान अहमद उर्फ सिब्बू की पत्नी वाहीदा बानो बसपा के टिकट पर छिबरामऊ विधान सभा से चुनाव मैदान में है। इनके चुनाव की कमान इनके पुत्र ओवैस के हाथो में है और यह मा बेटे पूरी सिद्दत से चुनाव लड़ रहे है । लोगो से मिलकर यह वोट माग रहे और दिल को छूने वाली अपील भी कर रहे । 

ओवैस का जो तरीका है वोट मांगने का उससे लोग प्रभावित हो रहे है ।अपनी मा के लिए एक एक वोट की कीमत लोगो को समझा कर जन संपर्क किया जा रहा । मेरी मां को आप लोग जिता दीजिए मै आपका यह एहसान जीवन भर नहीं भूल पाउगा। और हमेशा आप लोगो का हमदर्द बन कर कार्य करूगा।

चुनाव चर्चा पर जब प्रत्याशी बाहिदा बानो से बात की तो उन्होंने जो बताया उनकी बातें मेरे लिए मामूली  हो सकती हैं लेकिन उनके लिए बहुत ही गहरी भावनाओ से जुड़ी हुई बात थी । उनका कहना था कि उनके पति विधान सभा का चुनाव काफी समय पहले से लड़ना चाहते थे लेकिन किन्हीं कारणों से उन्हें मौका नहीं मिला और जब हमें मौका मिला तो वह अब इस दुनिया में नहीं है  जबकि वह अक्सर यह बात खुद उनसे शेयर करते थे । लेकिन आज बसपा सुप्रीमो मायावती ने टिकट देकर उनके परिवार पर बहुत बड़ा एहसान किया है। अब हम और मेरा पुत्र जनता के सहयोग से मेरे पति के सपने को पूरा करेगे ।यह कहते कहते बो कुछ सोचने सी लगती थी शायद वो अपने पति के बारे में ही गहरी सोच में थी । बाहीदा बानो ने दावा किया कि उनके साथ हर विरादरी के लोग है और सभी का समर्थन मिल रहा ।