क्या दस्त या कब्ज से बढ़ जाता है गर्भपात का खतरा, चलिए करते है पता

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस, जी मचलाना, उल्टी जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि इनमें घबराने की बात नहीं होती लेकिन लेकिन अगर दस्त और कब्ज हो जाए तो? कुछ प्रेगनेंसी में दस्त या कब्ज से घबरा जाती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे भ्रूण को नुकसान होगा। कुछ महिलाओं को तो लगता है कि इससे मिसकैरेज तक हो सकता है लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है। चलिए आपको बताते हैं कि प्रेगनेंसी में दस्त लगना कितना नॉर्मल है...

क्या प्रेगनेंसी में नॉर्मल है दस्त?

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से हार्मोनल उतार-चढ़ाव होते हैं। इसके कारण दस्त और कब्ज होना आम है। दरअसल, इस दौरान शरीर फ्लूइड का इस्तेमाल अलग तरीके से करने लगता है, जिसकी वजह से यह समस्या होना स्वाभाविक है। ज्यादातर मामलों में ये स्थितियां अपने आप ठीक हो जाती हैं लेकिन अगर डायरिया कुछ दिनों तक बना रहे तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे में आपको चेकअप करवाना चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखाएं

. अगर 3 दिनों से अधिक समय तक दस्त रहे और इसके साथ बुखार भी हो तो उसे इग्नोर ना करें बल्कि तुरंत चेकअप करवाएं।

. डायरिया में पेट दर्द और मल के साथ खून भी दिखाई दे तो यह चिंता की बात है।

क्या दस्त से हो सकता है मिसकैरेज?

दस्त और कब्ज गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में दस्त और कब्ज अधिक आम हैं। हालांकि ज्यादा समय तक यह समस्या होने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है लेकिन यह गर्भपात का कारण नहीं बन सकते।

क्या करें?

दस्त के लिए खुद से दवा बिल्कुल न लें। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर  से सलाह लें। इसके अलावा...

. ढेर सारा पानीऔर खूब सारे तरल पदार्थ पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन ना हो।

. फाइबर से भरपूर आहार लें क्योंकि यह पचाने में आसान होते हैं।

. दूध या फलों का रस ना लें क्योंकि इससे स्थिति बिगड़ सकती हैं।

. डॉक्टर की सलाह से हल्का-फुल्का व्यायाम भी करें।

. पानी में नमक और चीनी मिलाकर पीएं लेकिन डॉक्टर की सलाह से।