जन-जन में जागृति लाना होगा

जन-जन में जागृति लाना होगा,

समय आ गया है देखो ।

उनको अब जगाना होगा,

दुश्मन है जो बने हमारे।

आस्तीन के सांपों से,

उन गद्दारों कोअब,

हम को सबक सिखाना होगा।

परोपकार के भाव हो मन में,

दिल ना किसी का दुखाए हम,

सब में है वह ईश आत्मा,

 उनको यह बताना होगा।

 रहते  है निज देश में,

 घर के भेदी बन जाते।

  वीरों की गाथा ओं का,

फिर से भान कराना होगा।

उनको सबक सिखाना होगा।

बैर भाव जो मन में रखते,

प्रेम का पाठ पढ़ाना होगा।

राष्ट्र सुंदर बने हमारा,

पावन प्रेम हो हर मन में।

सबको पाठ पढ़ाना होगा।

जो अधर्मी कुकर्मी हैं,

करते नहीं परवाह किसी की,

बहू बेटी का फर्क करें।

उनको सबक सिखाना होगा।

भ्रष्टाचारी से लोग हैं जो,

बुराई फैलाएं राष्ट्र में वो।

रामराज यहां लाना होगा,

शिष्टाचार का पाठ पढ़ाना होगा।

उनको सबक सिखाना होगा,

दहेज के लोभी जो है भेड़िए,

इज्जत ना नारी की करते।

लालची उन भेड़ियों को,

मान नारी का सिखाना होगा।

उनको सबक सिखाना होगा।

सब बदले तो समाज बदले,

 खुद को अब बदलना होगा।

 हालात बने देश के सुंदर,

 सबको यहां बदलना होगा।

 सबक सभी को सीखना होगा।।

            रचनाकार ✍️

            मधु अरोरा