जीवन में रिश्ते

जिस समय जिस काम का संकल्प हो,

उस समय वह काम होना चाहिए।


जीवन में रिश्ते होना जरूरी है नहीं,

परंतु रिश्तो में जीवन होना चाहिए।


दिन में एक बार खुद से जरा बात कर, 

किसी से बात की ना दरकार होनी चाहिए।


दिल -दिमाग के बीच जब कभी टकराव हो,

तो सदा दिल की ही जीत होनी चाहिए।


उजाले की जरूरत है अगर मेरे राष्ट्र में, 

दीप ना सही, खुद को जलाना चाहिए।


खुद को कभी कमजोर ना महसूस कर, 

हर हाल में तेरा विश्वास जगमगाना चाहिए।


संघर्ष का आकार जितना होगा बड़ा,

जीत उतनी शानदार दिखनी चाहिए।


लोग व्यर्थ बहुत बातें बनाएंगे तुम्हारी,

न्याय पथ पर सत्य का लक्ष्य होना चाहिए।


तुम जागते रहो जीवन के सभी पलों में,

अनुभव ही तुम्हारा शिक्षक होना चाहिए।


मिले 'विवेक 'से हम आनंद में जाग जाएं,

आज फिर राष्ट्र को ऐसा विवेकानंद चाहिए।।


अंजनी द्विवेदी 

देवरिया ,उत्तर प्रदेश