कब और कितने दिन में दिखने शुरू होते हैं ओमिक्रॉन के लक्षण

भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले दोगुना तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए जहां राज्यों में तमाम पाबंदियां लगाई जा रही हैं वहीं, डॉक्टर व वैज्ञानिक लोगों को सावधानी बरतने के लिए कह रहे हैं। साथ ही कोरोना वायरस की चौन तोड़ने के लिए लोगों को लक्षण दिखते ही टेस्ट करवाने और होम क्वारंटीन होने की अपील की जा रही हैं। हालांकि ओमिक्रॉन के लक्षण कोरोना से काफी अलग है इसलिए लोगों को इससे पहचाने में दिक्कत आ रही है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ओमिक्रॉन के लक्षण पहली बार कब और कितने दिन बाद नजर आते हैं ?

कितनी जल्दी दिखते हैं ओमिक्रॉन के लक्षण

सीडीसी की नई गाइडलाइन के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद 2 से 14 दिनों में इसके लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे में अगर कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत जांच करवा लें। हालांकि कुछ लोगों में इसके लक्षण नजर ही नहीं आते। ऐसे में लक्षण दिखने से पहले ही संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ इंसान में संक्रमण पहुंच जाता है।

कब होते हैं सबसे अधिक संक्रामक?

सीडीसी के मुताबिक, वायरस की चपेट में आने के 1-2 दिन पहले और लक्षण दिखने के 2-3 दिन के बाद दूसरों तक संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। सीडीसी डेटा की मानें तो 7 दिनों के बाद इस वायरस के फैलने का खतरा ना के बराबर होता है।  5-7 दिन इस पर भी निर्भर करते है कि लोग वैक्सीनेट हैं या उनकी स्थिति कितनी गंभीर है। सीडीसी गाइडलाइन में कहा गया है कि बिना लक्षणों वाले लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से 2 दिन पहले वायरस अधिक संक्रामक होता है।

संपर्क में आने के बाद कब करवाएं टेस्ट?

सीडीसी के मुताबिक, जैसे ही वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत टेस्ट करवाएं। अगर स्थिति गंभीर ना हो तो क्वारंटाइन हो जाए और रिपोर्ट नेगेटिव आने का इंतजार करें। अगर रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद हल्का बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द जैसे कुछ लक्षण दिखाई दें तो कुछ दिन बाद दोबारा कोविड टेस्ट करवाएं।

क्वारंटाइन और आइसोलेट कब हो?

. अगर आपको लगता है कि आप पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए है तो खुद को क्वारंटाइन कर लें। कुछ देखें कि कहीं आप में भी तो कोविड के लक्षण नहीं दिख रहे। अगर लक्षण ना दिखें तो एक्सपर्ट की सलाह लेकर बाहर आ सकते हैं।

. वहीं सीडीसी की गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद, भले ही व्यक्ति का वैक्सीनेशन हुआ हो, तुरंत आइसोलेट हो जाना चाहिए।

डॉक्टर को कब बुलाना चाहिए?

अगर कोरोना के लक्षण गंभीर हैं को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, सीने में लगातार दर्द या दबाव, नींद ना आना, त्वचा, होंठ या नाखून का रंग बदलना जैसे लक्षण दिखें तो उसे हल्के में ना लें।

अधिक जानकारी के लिए आप केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और कोविड-19 हेल्प सेंटर की मदद ले सकते हैं।