कथक सम्राट बिरजू महाराज के निधन पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया दुःख

लखनऊ। कथक नृत्य के लिए मशहूर बिरजू महराज उर्फ पंडित ब्रजमोहन मिश्र का निधन हो गया। 83 वर्षीय पंडित बिरजू महाराज के निधन पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सुप्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि पंडित बिरजू महाराज ने अपनी कला और प्रतिभा के बल पर से पूरे विश्व मे देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया था।

 उनके निधन से कला जगत को जो हानि हुई है। फिलहाल उसकी भरपाई सम्भव नहीं है। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति की प्रार्थना करते हुए पंडित बिरजू महाराज के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित बिरजू महाराज के निधन पर शोक व्यकत किया है। उन्होंने कहा कि पंडित बिरजू महाराज का निधन अत्यंत दुखद है। उनका जाना कला जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। 

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पद्म विभूषण, कथक सम्राट, पंडित बिरजू महाराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भारतीय नृत्य की कथक शैली को विश्व में प्रसिद्धि दिलाने वाले नर्तक एवं शास्त्रीय गायक, पद्म विभूषण, पंडित बिरजू महाराज (बृजमोहन मिश्र) का निधन भारतीय कला एवं नृत्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं परिजनों, प्रशंसकों व शुभचिंतकों को यह असीम दुरूख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज का रविवार देर रात को नई दिल्ली में 83 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। पंडित बिरजू महाराज रविवार देर रात अपने नाती पोतों के साथ अंताक्षरी खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और बेहोश हो गए। उन्हें दिल्ली के साकेत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके पोते स्वरांश मिश्र ने इंटरनेट मीडिया पर महाराज जी के निधन की सूचना दी। पंडित बिरजू महाराज को कुछ दिनों पहले किडनी की बीमारी का पता चला था।

 वह डायलिसिस पर चले गए थे। अचानक रात में उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका देहांत हो गया। पंडित जी या महाराज जी के उपनाम से लोकप्रिय रहे बिरजू महाराज को देश के शीर्ष कथक नृतकों में से एक माना जाता रहा है। दशकों से वह कला जगत के सिरमौर रहे हैं। उनका संबंध कथक नृतकों के महाराज परिवार से रहा है। उनके चाचा शंभू महाराज और लच्छू महाराज भी कथक के नृतक थे। इसके अलावा उनके पिता और गुरु अच्छन महाराज भी हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक के बड़े कलाकार थे। कथक नृत्य के जरिए सामाजिक संदेश देने के लिए बिरजू महाराज को हमेशा याद किया जाएगा। 

कला जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। बिरजू महाराज ने देवदास, डेढ़ इश्किया, उमराव जान और बाजी राव मस्तानी जैसी फिल्मों के लिए डांस कोरियोग्राफ किया था। इन्होंने सत्यजीत राय की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में संगीत दिया था। बिरजू महाराज को 1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला था। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने बिरजू महाराज को डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी थी।