गीतो को गाकर हमने

गीतों को गाकर हमने

इस जीवन को आबाद किया।

चलते चलते इन राहों पर

भगवान तुम को याद किया।

कठिन डगर है जीवन की सब

और साथ में पथरीली।

जब जब अपने मुख को मोड़े

आंँखें होती हैं गीली।

सुख- दुख का है किया सामना

जीवन को फिर शाद किया

गीतों को गाकर हमने

जीवन को आबाद किया

कुछ पल ऐसे भी हैं आए

लगे दूर थे जब मेले

घुट- घुट कर चुप रहना था

कांँटे  पग में थे झेले

संभल संभल कर उस पल हमनें

जीवन फिर निर्बाध किया

गीतों को गाकर हमने

जीवन को आबाद किया

माना यह दुनिया ही सारी

धोखा मेला ठेला है।

हर पल रंग बदलता देखा

अपरिचित एक खेला है।

सदा सत्य का साथ निभा कर

काम सभी उस बाद किया।

गीतों को गाकर हमने।

इस जीवन को आबाद किया।


वीनू शर्मा,जयपुर-राजस्थान