व्यापारियों ने सविप्रा की बैठक में दिये महत्वपूर्ण सुझाव

सहारनपुर  । सहारनपुर महायोजना-2031 ड्राफ्ट प्रारूप को लेकर आज सहारनपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उ0प्र0 उद्योग व्यापार मण्डल की जिला इकाई ने अपने सुझाव प्रस्तुत किये।

जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन व जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने सविप्रा उपाध्यक्ष को दिये सुझाव प्रस्ताव में कराया कि नगर सहारनपुर के सभी मुख्य मार्ग पर स्थित भूखण्ड के लिए भूउपयोग कम से कम 100 मी0 तक व्यवसायिक घोषित किया जाना चाहिए, जिन कालोनियों में अधिकतर आवास निर्मित हो चुके हैं, उनका निर्मित क्षेत्र उचित तरीके से प्रस्तावित किया जाये, सघन बाजारों में निर्मित क्षेत्र को व्यवसायिक घोषित किया जाये तथा सभी प्रकार के मानचित्रों को स्वीकृत कराने के नियमों का सरलीकरण किया जाये, निर्मित क्षेत्र में व्यवसायिक निर्माण के सामने मार्ग की चौड़ाई 12 मी0 के स्थान पर 09 मी0 प्रस्तावित की जाये, घंटाघर, कोर्ट रोड, जीपीओ रोड, रेलवे रोड इत्यादि नगर के अनेक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की सम्पत्ति लीज पर है, यह लीज समयबद्ध भी है और कई जगह स्थायी परपिचुअल व हैरीटेबल भी है। शासन द्वारा समय-समय पर लीज की सम्पत्ति को फ्रीहोल्ड कराये जाने की योजना आती है और सम्पत्ति धारक इसका लाभ उठाते हैं। पिछले अनेक वर्षों से ऐसी योजना शासन द्वारा नहीं आयी है। पिछले कुछ समय से विकास प्राधिकरण द्वारा लीज सम्पत्ति धारकों को मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं और यह शर्त लगायी जा रही है कि सम्पत्ति के फ्रीहोल्ड होने पर ही मानचित्र स्वीकृत किया जायेगा यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। सभी तरह की सम्पत्तियों के मानचित्र निर्धारित मापदण्डों के अनुसार प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किये जाने चाहिए, विकास प्राधिकरण का अपना कोई लैण्ड बैंक नहीं है। वर्षो से प्राधिकरण यहां काम कर रहा है। एक बड़े क्षेत्र की भूमि लेकर विकास प्राधिकरण यहां नोएडा, गाजियाबाद आदि की तर्ज पर बड़ी संख्या में फ्लैट निर्माण करे जिससे लोगों को अच्छे सस्ते दरों पर आवास मिल सकेंगे, विकास प्राधिकरण का एक भव्य कार्यालय खुले व बड़े क्षेत्र में नया बनाया जाये, सहारनपुर महायोजना-2031 ड्राफ्ट प्रारूप पर आपत्ति व सुझाव दिये जाने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2022 की जानी चाहिए। ताकि इससे सम्बन्धित सभी वर्गों के प्रतिनिधि अपनी आपत्ति और सुझाव प्रेषित कर सकें जिससे महायोजना 2031 और अधिक सफल हो सके।

सुझाव देने वालों में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, सदस्य अरविंद शाह सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।