वो चेहरा

चेहरा है वो ऐसा एक

जिसमें तो है गुण अनेक

हर पल रहती है मुस्कान

जैसे कि फूलों में गुलाब

हर क्षेत्र का ज्ञान उनकों

तभी तो भाते सबके मन को।

नहीं हैं क्रोध उनके मन में

ज्ञान बाँटते हैं अपना सब में

नहीं रखते किसी से प्रतिशोध

हर पल नई बात पर करते है शोध।

उनकी अपनी अलग ही धुन है

जानते हैं हर का रहस्य,पर! 

बातों से कर देते है मन में संशय

तुरंत ही उसका जवाब देते हैं

तभी तो सबके मन में भाते है।

निशा खैरवा 

मु.पो.बीदासर,लक्ष्मणगढ़, सीकर राज.