जगमग दीपों की माला

जगमग दीपों की माला हो 

हाथों में जय का प्याला हो,

राहों में कुसुम ही बिखरे हो 

नव वर्ष में नया उजाला हो।।


जो ह्रदय में आपके बसते हैं 

सपनों में आपके सजते हैं, 

सदा रहे वो साथ आपके 

पावन मन भी शिवाला हो 

जगमग दीपों की माला हो।।


करुणा से पूरित हर मन हो 

राष्ट्रप्रेम जन -जन में हो 

कर्तव्य का बोध सदा रखें 

जीवन स्वयं में निराला हो 

जगमग दीपों की माला हो।


प्रेम ,क्षमा, दया की किरणें 

जन- जन के मन में बिखरें, 

सिर्फ मानवता का हाला हो 

जीवन सुख का मधुशाला हो 

जगमग दीपों की माला हो 

नव वर्ष में नया उजाला हो।।


अंजनी द्विवेदी (काव्या)

देवरिया ,उत्तर प्रदेश