एक्सपर्ट की चेतावनी, खांसी-छींक के ड्रॉपलेट नहीं, सांस से भी फैल सकता है ओमिक्रॉन


कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने दुनियाभर में अपना कहर मचाना शुरू कर दिया है। वैज्ञानिक का कहना है कि इस वैरिएंट की रफ्तार, दूसरी लहर के म्यूटेशन से कई गुणा ज्यादा है। कोरोना के पहले वैरिएंट खांसते-छींकते समय मुंह से निकले ड्रापलेट से संक्रमण फैला रहा था लेकिन ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों की सांस का एक हल्का-सा झौंका भी बीमार करने के लिए काफी है। ऐसा हमारा नहीं बल्कि हाल ही में हुए एक शोध का कहना है।

सांस से भी फैला सकता है संक्रमण

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज की सांस से भी फैल सकता है इसलिए लोगों को ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में आसानी से आ सकता है। न्यू एंड इमर्जिंग रेस्पिरेटरी वायरस थ्रेट्स एडवाइजरी ग्रुप से जुड़े प्रोफेसर पीटर ओपेनशॉ ने कहा कि ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के 90ः मामले सामने आए हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो यह जल्दी डेल्टा वैरिएंट से भी आगे निकल जाएगा।

डेल्टा से कम खतरनाक

प्रोफेसर पीटर ओपेनशॉ का कहना है, हम बहुत खुशनसीब हैं कि यह वैरिएंट शुरुआत में अधिक संक्रामक नहीं था। हमने इस वायरस को कई चरणों में म्यूटेट होते देखा है। स्टडीज के मुताबिक, ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के हैं और यह डेल्टा से कम खतरनाक है।

वैज्ञानिकों ने लोगों के दी चेतावनी

ऑफिशियल रिपोर्ट के अनुसार, ओमिक्रॉन के कारण अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क अन्य वैरिएंट के मुकाबले 50-70% कम है। मगर, धीरे-धीरे रूप बदल रहे कोरोना से सावधान रहने में ही भलाई है। लोगों को अब ज्यादा सतर्क रहना होगा।

बूस्टर शॉट देने की सिफारिश

एक्सपर्ट, ओमिक्रॉन से बचने के लिए कोविड बूस्टर शॉट देने की सिफारिश कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस नए वैरिएंट के केस 4 दिन में ही डबल हो गए हैं। हालांकि नए केस में लक्षण हल्के हैं इसलिए डॉक्टर उससे निपट सकते हैं।