प्रेगनेंसी में मोटापे से बीमारियों का खतरा

अक्सर गर्भावस्था में महिलाओं के वजन में इजाफा होने लगता है। मगर एक हालिया अध्ययन की मानें तो सामान्य या कम बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाली गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान अपना वजन 24 किग्रा से अधिक नहीं बढ़ने देना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु के बीमार होने का जोखिम कम होता है। 

वजन बढ़ने से प्रतिकूल परिणाम: निष्कर्षों के आधार पर शोधकर्ताओं ने सिफारिश की है कि उच्च बीएमआई वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान वजन को बरकरार रखने या कम करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करना चाहिए कि इस अवधि में वे अपना वजन कम बढ़ने दें। टीम ने निष्कर्ष निकाला है कि गर्भावस्था के दौरान हल्की मोटापाग्रस्त महिलाओं को आदर्श रूप से अपना वजन 8-16 किग्रा तक ही बढ़ने देना चाहिए। जांच वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनान अस्पताल के प्रसूति रोग विशेषज्ञ हुइजुन चेन द्वारा की गई। शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान अनुचित वजन बढ़ने से प्रतिकूल परिणाम सामने आ सकते हैं।

इस तरह किया अध्ययन

अध्ययन में 15,800000 मातृ-शिशुओं के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं का वजन गर्भावस्था की शुरुआत में कम या सामान्य था, उनके लिए वजन बढ़ने का आदर्श स्तर 12 से 24 किलो था। अधिक वजन वाली महिलाओं के लिए 10 से 24 किलो था। वहीं मध्यम मोटापाग्रस्त महिलाओं को आठ से 16 किलोग्राम तक ही वजन बढ़ने देने का सुझाव दिया।