69000 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन जारी, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी

                                      
लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित ओबीसी तथा एससी वर्ग के अभ्यर्थी पिछले 205 दिन से अपनी मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है ऐसी स्थिति में अब अभ्यर्थियों ने निर्णय लिया है कि जब तक उनकी मांगों को पूर्ण रूप से नहीं मान लिया जाता तब तक वह धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। आरक्षण पीड़ित ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती में ओबीसी वर्ग की 18598 सीट थी जिनमें से मात्र ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 2637 सीट ही दी गई है तथा ओबीसी वर्ग को 27ः आरक्षण की जगह मात्र 3.86% आरक्षण दिया गया है वहीं दूसरी तरफ एससी वर्ग के अभ्यर्थियों को 21% आरक्षण की जगह मात्र 16.6% आरक्षण दिया गया है जो पूरी तरह से गलत है। सहायक शिक्षक भर्ती में 27% ओबीसी को तथा एससी वर्ग को 21% आरक्षण नहीं दिया गया, अभ्यर्थी आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि अनारक्षित की कट ऑफ 67.11 से नीचे उन्हें इस भर्ती में 27% ओबीसी को तथा एससी वर्ग को 21% आरक्षण नहीं दिया गया है तथा सरकार ने इस भर्ती की मूल चयन सूची ना बनाकर इस भर्ती प्रक्रिया को जिला आवंटन सूची पर संपन्न किया है जिसमें अभ्यर्थियों के मूल गुणांक, कैटागिरी एवं सब-कैटागिरी आदि को छुपा लिया है जो पूरी तरह से गलत है क्योंकि हर भर्ती की एक मूल चयन सूची बनाई जाती है लेकिन यहां इस भर्ती की मूल चयन सूची नहीं बनाई गई। योगी सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आदेश का उल्लंघन किया, अभ्यर्थियों का एक डेलिगेशन अब से 20 दिन पूर्व अभ्यर्थियों का एक डेलिगेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर मिला तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस भर्ती में ओबीसी का 27% एवं एससी वर्ग का 21% आरक्षण पूरा किया जाए लेकिन योगी सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश का उल्लंघन करके 18,000 से अधिक आरक्षण घोटाले की सीट में से मात्र इस भर्ती में 6800 सीट पर घोटाला स्वीकार किया ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा 6800 सीट दिए जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है तथा अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि या तो उन्हें इस भर्ती में 27% एवं 21% आरक्षण पूरा दिया जाए अथवा लखनऊ हाईकोर्ट में जितने भी याची है उन सभी याचियों को याची लाभ दिया जाए तभी यह मामला पूरी तरह से समाप्त हो सकता है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि सरकार ने 29 अप्रैल 2021 को जारी आरक्षण घोटाले से संबंधित राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को भी लागू नहीं किया है जबकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस भर्ती में 18000 से अधिक सीटों पर आरक्षण घोटाला माना है तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस भर्ती में गलत तरीके से चयन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाए क्योंकि इस भर्ती में अनुच्छेद 14,15 तथा 16 का घोर उल्लंघन हुआ है।