आ गई कोरोना की तीसरी लहर, हफ्ते में 3 गुना बढ़े केस

पिछले 2 साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर रही है। वहीं, नए साल की शुरूआत के साथ साथ कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने भी अपना कहर दिखाना शुरु कर दिया है। इस खतरनाक वैरिएंट के मामले लगाकार देश-विदेश में बढ़ रहे हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकारों ने सख्ती बढ़ा दी है और कोरोना प्रोटोकॉल में भी कुछ बदलाव किए हैं।

पहली-दूसरी से भी ज्यादा तेज कोरोना की तीसरी लहर!

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं, अगर कुछ आबादी को भी अस्पताल जाने की जरूरत पड़ी तो स्वास्थ्य संसाधनों  के ऊपर दबाव व परेशानी बढ़ जाएगी। एक्सपर्ट को चिंता है कि कहीं यह पहली व दूसरी लहर से ज्यादा खतरनाक ना हो जाए।

कोरोना आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई हफ्तेभर में ही ओमिक्रॉन के मामले 3 गुना बढ़ गए है। इस अवधि में कोरोना मामलों में यह 181% की उछाल है। वहीं, 27 दिसंबर से 2 जनवरी के दौरान भारत में करीब 1.3 लाख नए केस दर्ज सामने आए हैं, जो पिछले 12 हफ्तों से सबसे ज्यादा है। बता दें कि यह अब तक का सबसे तेज संक्रमण उछाल है। 

सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले शहर

राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण पॉजिटिविटी रेट 4.59% जबकि मुंबई-महाराष्ट्र में 17% दर्ज किया गया है। वहीं, जयपुर में पॉजिटिविटी रेट 4.4%, बंगाल में 12% और गोवा में 10.7% है। कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखकर कुछ राज्यों में लॉकडाउन तो कहीं नाइट कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है। बता दें कि रविवार को दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों के 3,194 और महाराष्ट्र में 11,877 नए केस सामने आए, जो वाकई परेशानी की बात है। वहीं, पश्चिम बंगाल में पिछले 7 दिनों के मुकाबले ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों में 12% इजाफा हुआ है। यहां रविवार को संक्रमण के करीब 6,153 नए सामने आए थे।

जारी हो सकता है रेड अलर्ट

कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखकर डीडीएमए योजना के तहत रेड अलर्ट जारी किया जा सकता है। हालांकि ऐसा तभी होगा जब संक्रमण दर लगाकार 2-5 दिन 5% से अधिक होगी। रेड अलर्ट के चलते श्पूर्ण कर्फ्यू या लॉकडाउन लगाया जा सकता है। इसके कारण ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां एक बार फिर थम सकती हैं।