बढ़ रही संक्रमण की रफ्तार, इंदौर में कोरोना के कोहराम के बाद उज्जैन में भी बिगड़ने लगे हालात, मिले 170 पॉजिटिव मरीज

उज्जैन : मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना के कोहराम के बाद अब उज्जैन में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। कुछ मरीजों से शुरू हुआ आंकड़ा अब बढ़ने लगा है। मंगलवार को 170 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ तक कोरोना पहुंच गया और तीन कैदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इधर उज्जैन की ही दो बुजुर्ग महिलाओं की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।

दरअसल उज्जैन में बीते कुछ दिनों से कोरोना केस बढ़ने लगे हैं। शुरुआत में तो आंकड़े बहुत कम थे लेकिन अब संख्या बढ़ने लगी हैं। मंगलवार को जारी बुलेटिन में उज्जैन में 170 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। मंगलवार तक 624 एक्टिव केस थे। इनमें से 613 होम आइलेशन में है। 11 मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया है। उज्जैन जिले के महिदपुर में एक साथ 14 मरीज मिले हैं। कहा जा रहा है कि शासकीय सेवारत लोगों में कोरोना केस बढ़ रहे हैं। अब तक करीब 70 से अधिक शासकीय कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। 

उज्जैन के भैरवगढ़ स्थित केंद्रीय जेल में कोरोना के तीन मरीज मिले हैं। इनको आइसोलेशन में रखा है। बताया जा रहा है कि कोर्ट से सजा पाकर आने वाले कैदियों के लिए बनी बैरक में पहले दो मरीज कोविड पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद सभी की जांच कराई गई तो एक और कोरोना पॉजिटिव सामने आया। जेल अधीक्षक उषा राज के अनुसार भैरवगढ़ जेल में आने वाले कैदियों के लिए बनी बैरक में 60 कैदी रखे जाते हैं। इन सभी कैदियों का नियमानुसार कोविड टेस्ट होता है।

इनमें से दो मरीजों की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दोनों को जेल में बने आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद बैरक में मौजूद सभी कैदियों का कोविड टेस्ट कराया गया। इनमें से फिर एक युवक कोविड पॉजिटिव आया। इसे भी आइसोलेशन वार्ड में  शिफ्ट किया है। कोरोा संक्रमण के मद्देनजर जेल में कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों पर पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं। परिजनों का वेक्सीनेशन सर्टिफिकेट चैक किया जा रहा है। इसके बाद ही उन्हें कैदियों से मिलने की अनुमति दी जा रही है। अंदर आने के बाद भी कैदियों और परिजनों के बीच कांच की दीवार रहती है। उसमें से दोनों को बात करने की अनुमति है।

इधर उज्जैन में ही कोरोना संक्रमित दो बुजुर्ग महिला की हालत मंगलवार को खराब हो गई। दोनों महिलाओं को निजी अस्पताल से माधवनगर अस्पताल रैफर किया है। दोनों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। एक महिला को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला को कोरोना का टीका नहीं लगाया गया था। दोनों को रेमडेसिविर इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं। इनमें से एक की उम्र 68 वर्ष तो दूसरी की 70 वर्ष बताई जा रही है।

दोनों निजी अस्पतालों में भर्ती थी। तबीयत अधिक खराब होने पर माधवनगर अस्पताल रैफर कर दिया गया। दोनों को सांस लेने में तकलीफ होने पर आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। महिलाओं के जीनोम सिक्वेसिंग जांच के लिए नमूनों को दिल्ली भेजा गया है। डाक्टरों का कहना है कि दोनों महिलाओं में कोरोना की दूसरी लहर में मिले डेल्टा वैरिएंट की तरह लक्षण मिले हैं।