खतरनाक तीसरी लहर को आमंत्रण दे रही सरकार

लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहर की भीषण त्रासदी को सरकार, जिला प्रशासन व जनता झेल चुकी है। इसमें सभी ने बहुत कुछ गंवाया भी है। परन्तु राजधानी की जनता और सरकार इसे भूल कर अब पहले से भी अधिक खतरनाक कोरोना संक्रमण को खुद निमंत्रण दे रही है। खुद केन्द्र व राज्य सरकार चीख-चीख कर प्रचार कर रही है कि कोरोना का खतरा अभी टला नही है। मास्क और दो गज दूरी अभी जरूरी है। लेकिन इसके विपरीत खुद सरकार ने ही सुरक्षा मास्क को उतारकर फेक दिया है। विश्व के तेइस देशों में कोरोना का सबसे अधिक खतरनाक वैरियंट औमीक्रोन तेजी से पांव पसार चुका है साथ ही दिन-प्रतिदिन यह संख्यां बढ़ती जा रही है। वहां लॉकडाउन लगाने पड़ रहे है। वही भारत में भी खतरनाक ओमीक्रोन अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। देश में अभी भी कोरोना के एक्टिव केस एक लाख के करीब है। इन हालातो मेें सरकार और नागरिकों का लापरवाही भरा रवैया कोरोना को खुला आमंत्रण दे रहा है। उ0प्र0 के परिप्रेक्ष्य में भले ही अन्य राज्यों की तुलना में कोरोना के मामले बहुत कम है। परन्तु दीपावली से ही भीड़-भाड़ वाले आयोजनों की धूम रही है। जिसकी अनुमति सरकार व जिला प्रशासन दे रहा है लापरवाही जनता कर रही ह। केवल लखनऊ में ही दीवाली मेंला, शिल्प मेला, उत्तराखण्ड महोत्सव, हुनर हाट अब हाल ही में तीस नवम्बर से चौदह दिसम्बर तक लखनऊ महोत्सव स्थल पर चलने वाले भारत महोत्सव की धूम है। साथ ही आगे और भी आयोजन व उत्सव प्रस्तावित है। कही भी कोरोना की किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। मास्क के साथ दो गज दूरी को और सैनिटाइजर को आयोजक व जनता दोनों ही भूल चुके है। पहले त्यौहारी सीजन फिर सहालगों के चलते वैसे भी बाजार खचाखच भरे रहे। उसके बाद सरकार अपने आयोजनों से भीड़ को बढ़ा रही है। साथ ही कोरोना के नियमों की खुले आम धज्जियां उड़ा रही है। एसजीपीजीआई के निदेशक की चेतावनी के अनुसार कोरोना की नई लहर एक बड़ा खतरा है जो पहले से भी अधिक गंभीर होगा। बाबजूद इसके सरकार व आयोजक इसे नजरअंदाज करके कमाई करने में व्यस्त है। जनता भी कोरोना की दूसरी लहर की भीषण त्रासदी को भूल कर आयोजनों व चुनावी रैलियों के माध्यम से कोरोना की तीसरी लहर को ओमीक्रान के साथ लाने की तैयारी कर रही है।