लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट है, यानी खतरे की घण्टी है: मोदी

गोरखपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में रिमोट का बटन दबाकर गोरखपुर खाद कारखाना एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान व रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर का लोकार्पण किया। इस दौरान वह विपक्ष पर हमलावर होते दिखे। उन्होंने कहा कि लाल टोपी वालो को लालबत्ती से मतलब रहा, उनको आपकी दुख से कोई वास्ता नही है, अवैध कब्जों, माफियाओं को खुली छूट देने वाले लाल टोपी वालो से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि 5 साल पहले आपने मुझे शिलान्यास करने का अवसर मिला था, आज आपने लोकार्पण करने का भी अवसर दिया है। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाना, एम्स का लोकार्पण एक संदेश देता है। जब गरीब शोषित वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है तो ऐसे ही काम होते हैं। इस दौरान जनता को संबोधित करने हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों ने जिसे असंभव बनाया था उस मुमकिन बनाया गया है जिसे आज पूरा देश देख रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना 1990 में बंद हो गया था जिसके बाद आज तक किसी ने भी सूद लेने की कोशिश नहीं की। पीएम ने 2014 में इसका शिलान्यास किया और आज उद्घाटन हो रहा है। पूर्वी में लगातार माना जाता था कि यहां विषाणु जनित बीमारी से हजारों मौतें होते थी, लेकिन पिछली सरकारे मौन रहती थी। सीएम ने कहा कि कहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में विकास और नागरिक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं का पांच साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों शिलान्यास हुआ था और आज उन्हीं के हाथों उद्घाटन भी हो रहा है। योगी ने मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नवनिर्मित एम्स और उर्वरक कारखाने सहित अन्य विकास परियोजनाओं के लोकापर्ण समारोह में कहा कि दशकों से पिछड़ेपन का दंश झेल रहेे गोरखपुर क्षेत्र के लिये आज नागरिक सुविधाओं और तरक्की का सूर्योदय हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जिस एम्स की आधारशिला 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी, आज 112 एकड़ में 1,011 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उसी एम्स का लोकार्पण प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह एम्स उ.प्र., बिहार सहित नेपाल को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। योगी ने इसके लिये प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि एम्स के अलावा गोरखपुर में 600 एकड़ में फैले 8,603 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उर्वरक कारखाने को आज मोदी जी ने राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि विगत 31 वर्षों से बंद पड़े इस कारखाने के प्रारंभ होने से सालाना 12.7 मीट्रिक टन उर्वरक का उत्पादन होगा। इससे किसानों को उर्वरक आसानी से मिल सकेगी साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे।