गोवंश प्रकरण पर सत्ता पक्ष व विपक्ष ने जमकर की नारेबाजी

- सोशल मीडिया में जारी रहा विश्लेषण का दौर

नरैनी/बांदा। कस्बे में बीते दिनों हुए गौ हत्या के प्रदर्शन में सत्ता पक्ष के विधायक धरना स्थल पर पहुँच कर प्रशासन के खिलाफ हो रही नारेबाजी शामिल हो गए।जिससे विपक्षियो को मौका मिल गया।मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर धरने में नरैनी विधायक राजकरण कबीर पहुचे।इस दौरान  भाजपा जिला मंत्री अशोक कुशवाहा, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष अदित्य चतुर्वेदी, ओमप्रकाश पांडे,पूर्व मण्डल अध्यक्ष प्रदीप सिंह सेंगर सहित तमाम भाजपाई देखे गए।इसके विधायक राजकरण कबीर जांच का विषय बताकर उक्त मामले से दूर हटते दिखाई दिए।प्रदर्शन के दौरान विधायक व कस्बे के भाजपा कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन में शामिल हो नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी अमर बहादुर सिंह, व उपजिलाधिकारी सुरजीत सिंह और आरटीओ बाँदा को दोषी बताते रहे।साथ ही विधायक राजकरण कबीर मुख्यमंत्री को अपने लेटर पेड के जरिये घटना में दोषी लोगो के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।लेकिन घटना के बाद मीडिया के सामने आते ही विधायक का रुख बदल गया।सोसल मीडिया में घटना के विश्लेषण का दौर जारी रहा।उधर इस घटना क्रम के बारे में जब उपजिलाधिकारी सुरजीत सिंह से बात की गई तो बताया कि नरैनी गौ शाला से एक भी गौ वंश बाहर नही कही भेजा गया।मध्य प्रदेश के पहाड़ी खेड़ा में घायल व मृत अवस्था मे जो गौ वंश की जानकारी मिली उसमें नरैनी क्षेत्र का एक भी गौ वंश शामिल नही।जहाँ जितनी संख्या में गौ वन्स है वह सभी वर्तमान में मौजूद है।भाजपा कार्यकर्ताओं सहित विधायक द्वारा निभाये गए इस राजनीति रोल में कही न विपक्ष पार्टी के लोगो को गौ हत्या पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का मौका मिलना लाजमी है।भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने ही प्रदर्शन कर लोगो द्वारा भाजपा नेताओं के बैनर जो मुख्य चौराहे पर लगे थे वह फाड़ दिए गए साथ ही भाजपा के सत्ता पक्ष के विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।