अपनी बेटी को कैंसर से बचाना है तो सही उम्र में लगवाएं एचपीवी वैक्सीन

देश में आए कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में हम इतना उलझ गए हैं कि कई बिमारियों को नजरअंदाज कर चुके हैं। इनमें से एक है सर्वाइकल कैंसर, गर्भाश्य ग्रीवा का कैंसर और बच्चे दानी के मुंह का कैंसर कहा जाता है। चिंता की बात यह है कि दुनिया में करीब 10 में से एक महिला को यह कैंसर होता है और अगर समय पर इसके बारे में पता नहीं चलता है तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। हालांकि एचपीवी वैक्सीन लगवाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। तो चलिए बताते हैं कि  एचपीवी वैक्सीन कैसे वरदान साबित हो सकती है। 

क्या है एचपीवी वायरस 

-एचपीवी वायरसों का एक समूह है। 

-यह यौन संपर्क के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचता है। 

-ये वायरस ज्यादातार सफाई न होने के कारण फैलता है।

-इस वायरस का संक्रमण करीब 8 फीसदी महिलाओं को कभी न कभी होता है। 

-इनमें से 20 तरह के एचपीवी सबसे खतरनाक माने जाते हैं।

-संक्रमण होने के करीब 15 साल बाद तक कैंसर के लक्षण नहीं दिखते। 

सर्वाइकल कैंसर कितना खतरनाक

-सर्वाइकल कैंसर की 70 फीसदी वजह एचपीवी है।

यह वायरसों का समूह है। 

-इसमें वायरस 16 और 18 कैंसर के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।

-इन्हें रोकने के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाना जरूरी है।

-दुनिया में सर्वाइकल कैंसर के 35 फीसदी मामले चीन व भारत में हैं।

इस उम्र में लगाएं वैक्सीन वैक्सीन

-एचपीवी वैक्सीन लेने की सही उम्र 9-14 साल 

-लड़की के सेक्शुअली एक्टिव होने से पहले लगती है वैक्सीन। 

-जितनी छोटी उम्र में वैक्सीन लगे उतना अच्छा। 

-9 से 14 साल की उम्र में लगते हैं 2 डोज ।

-15 से 26 साल में दिए जाते हैं 3 डोज। 

-ये वैक्सीन 26 से 45 साल की उम्र में भी दी जा सकती है।

-बढ़ती उम्र में वैक्सीन का नहीं होता ज्यादा असर।

सर्वाइकल कैंसर से खुद को कैसे बचाएं

-सुरक्षित यौन संबंध कायम करें।

-सिर्फ अपने पार्टनर के साथ ही शारिरिक संबंध बनाना चाहिए। 

-बीमारी का पता चल जाए तो उसे टाले नहीं। 

टीका युवा लड़कियों और किशोरियों को ही दिया जाता है। ऐसी लड़कियां जिन्हें पीरियड्स आना शुरू हो गया हो वो इस टीका को लगवा सकती हैं। बावजूद इसके उन सभी लड़कियों को डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। यह टीका किसी व्यस्क को नहीं लगता है। टीका लगाने के बाद यौन संबंध कायम करने से होने वाला संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। जिन माता-पिता को अपनी बेटी को बीमारियों से दूर रखना है वो इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं।