------ तीखा तीर -----

जो  होते चुनाव  साल  में   

जनता  की  फब  जाती 

पूरी होती मुराद लोगों  की 

हर  घर  खुसियां   छाती 

सरकार भले कंगाल बने 

 पर लोगो की बन आती 

----  वीरेन्द्र  तोमर