मौन

मौन को आवाज दे दो,

मौन सुंदर साधना।

मौन की महिमा है भारी,

जीवन में आनंद कारी।

झगड़ा कहीं भी हो रहा,

ताप वहांँ का बढ़ रहा।

मौन है उत्तम साधना,

संताप हरती सबके वहांँ।

विद्यार्थी का मौन तो,

शिक्षा के लिए सदा भला।

शिक्षा को देता बढ़ावा,

मौन की कर साधना।

साधना कर रहा मानव,

मौन है परमात्मा।

मौन धरा की गूंज सुनते,

दिल की धड़कन की बात सुनते,

धड़कन तो अपनी कहती

मौन धार ध्यान से सुनते हैं।

मौन जरा करते  है धारण

सही दिशा मौन से चुनते,

गुस्से भरा हो प्राणी 

लहू उसका उबल रहा।

मौन जरा धार कर देखो,

ताप मन का हर रहा।

जन-जन को दे दे संदेश,

हमारे गीता वेद पुराण।

दिन में रहो कुछ समय मौन,

होगा तब तुमको अनुपम ज्ञान

मौन है वह पुष्प जग में

सारगर्भित से शब्द 

कम शब्दों में कह जाए

कुछ कहने से पहले तुम सोचो

उसके बाद मुंह तो खोलो

सोच समझकर तुम फिर बोलो

मौन की कर लो साधना।

          रचनाकार ✍️

          मधु अरोरा