॥ तुम बिन ॥

तुम बिन सूना सूना है प्यारे

तुम बिन सूना जीवन है हमारे

दिन रात याद तेरी आती  है

आते जाते तेरी याद सताती है


तुम बिन सूना सूना है प्यारे

नभ पे सूरज चाँद   सितारे

कोयलिया भी अश्क बहाती है

गुम सुम की नजारा दिखलाती है


तुम बिन सूना सूना है प्यारे

बगिया की कलियाँ चुप है सारे

फिजाँ में पतझड़ का मंजर है

शांत बैठा अब  समन्दर   है


तुम बिन सूना सूना है प्यारे

डालियॉं पे बैठा चिड़ियाँ है सारे

चहकना भूल गई ड़ाली पर

नहीं रही खुशियाँ चेहरे    पर


तुम बिन सूना सूना है प्यारे

नदियाँ बह रही है छू कर किनारे

उथल पुथल बीच भँवर मची है

मेरे भी दिल में तुफान खड़ी  है


तुम बिन सूना सूना है प्यारे

ये जग के मौसम ये नजारे

सब कुछ यहाँ ठहर गया है

शराब की प्याला छलक गया है


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088