रणजी ट्रॉफी में वापसी करेंगे कुलदीप यादव, मिल सकती है इस टीम की कप्तानी

भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव उत्तर प्रदेश की तरफ से खेलते हुए रणजी ट्राफी में वापसी करेंगे। इस साल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आइपीएल के दूसरे सत्र में वह चोटिल हो गए थे और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के लिए एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए थे। सितंबर में उनके घुटने की सर्जरी हुई, जिसके बाद उन्होंने बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रीहैब किया। अब वह पूरी तरह मैच फिट है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के चयनकर्ता इस बार रणजी टीम की कमान उन्हें दे सकते हैं क्योंकि वही सबसे तगड़े दावेदार हैं। विजय हजारे में अंतिम मुकाबलों में उप्र की तरफ से खेलने वाले भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार रणजी ट्राफी के शुरुआती दो-तीन मुकाबलों में नहीं खेलेंगे। सैयद मुश्ताक अली ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी में कप्तानी करने वाले करन शर्मा रणजी में कप्तान नहीं होंगे।

2019 विश्व कप के बाद से कुलदीप का समय ठीक नहीं रहा है। उन्हें काफी समय टीम इंडिया में रखा गया लेकिन खिलाया नहीं गया और जब खिलाया गया तब उनका प्रदर्शन बेहतर नहीं हो सका। इसका असर उनकी फ्रेंचाइजी पर भी पड़ा। केकेआर ने भी पिछले दो सत्र में उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। कुलदीप ने 45 आइपीएल मैच खेले हैं और 8.27 की इकोनामी से 40 विकेट लिए हैं। उन्हें केकेआर ने पिछली बार 5.8 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। अगले साल आइपीएल की मेगा नीलामी होनी है। इसमें उत्तर प्रदेश की नई टीम और केकेआर फिर उन पर बोली लगा सकती है।

सात टेस्ट, 65 वनडे और 23 टी-20 खेलने वाले कुलदीप ने भारत के लिए आखिरी मैच 29 जुलाई को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। उस समय मुख्य टीम विराट के नेतृत्व में इंग्लैंड में थी और शिखर धवन के नेतृत्व में दूसरी टीम श्रीलंका गई थी। 2018-19 में आस्ट्रेलिया दौरे पर पारी में पांच विकेट लेने के बाद पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कुलदीप को विदेश में टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर बताया था लेकिन इसके बाद उनको मौके नहीं दिए गए जिससे खिलाड़ी का मनोबल गिरना स्वाभाविक था। 13 जनवरी से शुरू हो रहा है।