जानिए मिर्गी पड़ने के लक्षण, कारण और बचने के देसी उपाय

मिर्गी व्यक्ति के पूरे शरीर को तेजी से प्रभावित करती है। इसके कारण मरीज को दौरे पड़ने लगते हैं। एक्सपर्ट अनुसार, यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। कुछ लोग किसी को दौरे पड़ने पर जादू-टोना का नाम दे देते हैं। मगर ऐसा सोचना गलत है। असल में, इसका संबंध दिमाग से माना जाता है। चलिए आज इस खास मौके पर हम आपको मिर्गी रोग के बारे में विस्तार से बताते हैं...

क्या है मिर्गी?

मिर्गी एक तंत्रिकातंत्रीय विकार है, जिसे डॉक्टर की भाषा में न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर कहा जाता है। इसे अंग्रेजी में म्चपसमचेल हते हैं। इस रोग में व्यक्ति को बार-बार दौरे पड़ते हैं। इसके पीछे का कारण के मस्तिष्क में किसी तरह की गड़बड़ी माना जाता है। एक्सपर्ट अनुसार, मिर्गी आंशिक तथा पूर्ण दो प्रकार की होती है। आंशिक मिर्गी में मस्तिष्क के एक भाग पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर पूर्ण मिर्गी में मस्तिष्क के दोनों भाग प्रभावित होते हैं। इसके कारण मरीज का शरीर तेजी से कांपने लगता है।

मिर्गी के लक्षण

पूरे शरीर में अकड़न आ जाना

बात करते दौरान बेहोश हो जाना

पूरे शरीर में झुनझुनाहट सा महसूस होना

मांसपेशियों में तेजी से खिचाव होना

कमजोरी व थकान से चक्कर आना

हाथों-पैरों में तिरछापन आना

धुंधला दिखाई देना

मुंह से झाग की समस्या

मिर्गी के कारण

गिरने के कारण सिर पर गहरी चोट आना

किसी बात का गहरा सदमा लगना

दिमागी बुखार होना

ब्रेन ट्यूमर की बीमारी होना

स्ट्रोक आना

शराब व अन्य नशीली चीजों का सेवन अधिक करना

जन्मजात असामान्यता

मिर्गी का दौरा पड़ने पर करें ये काम

. अगर किसी को मिर्गी का दौरा पड़ जाए तो सबसे पहले उसके टाइट कपड़े को ढीला करें।

 . मुंह से झाग निकलने की समस्या पर व्यक्ति को उल्टा लेटा देन। इससे झाग मुंह के अंदर नहीं जाएगी।

. मिर्गी का दौरा पड़ने पर उस व्यक्ति को जोर से पकड़ने की गलती न करें।

. मिर्गी का दौरा पड़ने दौरान व्यक्ति के मुंह में कुछ न डालें।

. मरीज के पास शांति भरा माहौल बनाएं रखें।

. अगर कई लोग मिर्गी का दौरा पड़ने पर रोगी को जूते और मोजे सुंघाने लगते हैं। मगर ऐसा करने की गलती न करें।

. इस दौरान मरीज के शरीर के किसी भी हिस्से में मालिश नहीं करनी चाहिए।

चलिए जानते हैं मिर्गी को रोकने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे

लहसुन- इसमें ऐंठन और उत्तेजना रोधी गुण होते हैं। ऐसे में यह मिर्गी का दौरा पड़ने पर काबू पाने में फायदेमंद होते हैं। रोजाना लहसुन का सेवन करने से दौरे नहीं पड़ते हैं। इसके साथ ही मिर्गी के दूसरे लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं।

कद्दू- इसमें पोषक तत्व, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल गुण होते हैं। इससे मस्तिष्क के नाडी-रसायन को संतुलित रखने में मदद मिलती है। एक्सपर्ट अनुसार इसके सेवन से मिर्गी रोग की गंभीरता में गिरावट आ सकती है। इसलिए मिर्गी के मरीज को दिन में एक बार कद्दू जरूर खाना चाहिए।

शहतूत और अंगूर का रस- मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति को रोजाना शहतूत और अंगूर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीना चाहिए। इससे उसे काफी फायदा मिलता है।

तुलसी- मिर्गी से बचाव के लिए तुलसी बेहद फायदेमंद मानी गई है। तुलसी के पत्तों का रस निकालकर उसमें जरा सा सेंधा नमक मिलाकर 1-1 बूंद नाक में डालने से मिर्गी से आराम मिलता है। मगर इस नुस्खे को मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद ही करना चाहिए।

त्रिफला- मिर्गी के मरीज को रोजाना सुबह गुनगुने पानी में एक चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए। इससे भी उसे फायदा मिलेगा।

सफेद प्याज- जिस व्यक्ति को मिर्गी के दौरे पड़ते हो उसे रोजाना सफेद प्याज का रस पीना चाहिए। इसके लिए 1 गिलास पानी में एक चम्मच सफेद प्याज का रस मिलाकर पीएं।

ऐसे में इन उपायों को अपनाकर रोगी को मिर्गी के दौरे पड़ने कम हो सकते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

. अक्सर लोग रोगी को मिर्गी का दौरा पड़ने पर उसपर जादू-टोना हुआ समझ लेते हैं। मगर ऐसा समझना गलत है। इसलिए ऐसा कोई भ्रम न पालें। असल में यह एक दिमागी बीमारी है। इसमें रोगी कुछ देर के लिए अपने शरीर का संतुलन खो बैठता है। मगर बाद में पहले की तरह सामान्य हो जाता है।

. व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

. रोगी पर जूता-चप्पल सूंघाने वाले उपाय न आजमाएं।

. रोगी की डेली डाइट का खास ध्यान रखें। उसे डॉक्टर द्वारा बताई चीजें ही खिलाएं।