एबी डिविलियर्स ने बताया, क्यों लिया फ्रेंचाइजी क्रिकेट से संन्यास

दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक एबी डिविलियर्स ने शुक्रवार को सभी तरह की क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिसमें उन्होंने 17 साल तक अपना दबदबा कायम रखा। मैदान के चारों तरफ बेहतरीन शॉट लगाने के लिए डिविलियर्स को 'मिस्टर 360' के नाम से भी जाना जाता है। इस संन्यास के ऐलान के साथ ही डिविलियर्स अब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी नहीं खेलेंगे, जहां उन्होंने 13 साल बिताया। इसमें से 11 साल तो उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेला है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लंबी पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि पहले जैसा उत्साह नहीं होने की वजह से उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया है।

उन्होंने लिखा, ''आरसीबी के लिए खेलते हुए मैंने लंबा समय बिताया है। इस साल मैंने फ्रेंचाइजी के लिए 11 साल पूरे किए हैं और अब लड़कों को छोड़ना बहुत दुखदाई है। बेशक इस निर्णय पर पहुंचने के लिए बहुत समय लगा, लेकिन बहुत सोच-विचार के बाद मैंने संन्यास लेने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का फैसला किया है। मैं इस मौके पर आरसीबी मैनेजमेंट, मेरे दोस्त विराट कोहली, टीम के साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ, फैन्स और पूरे आरसीबी परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इतने साल तक मुझमें भरोसा दिखाया और मेरा समर्थन किया। यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है। पर्सनली जीवन भर संजोने के लिए बहुत सारी यादें हैं।''

उन्होंने आगे लिखा, ''आरसीबी हमेशा मेरे और मेरे परिवार के बहुत करीब रहेगा और इस अद्भुत टीम का समर्थन करना जारी रखूंगा। मैं हमेशा के लिए आरसीबियन हूं। मैंने अपने बैकयार्ड में बड़े भाइयों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया और तब से ही पूरे आनंद और जबरदस्त उत्साह के साथ इस खेल को खेला है। 37 साल की उम्र में वह लौ अब उतनी तेज से नहीं जलती। मुझे इस बात को स्वीकारना होगा। यही वजह है कि मैंने संन्यास लेने का ऐलान किया है।''

बता दें डिविलियर्स ने अपने आईपीएल करियर में 184 मैच खेले। इसमें उन्होंने तीन शतक और 40 अर्धशतक की मदद से 5162 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) और आरसीबी का प्रतिनिधित्व किया। डिविलियर्स तीन साल दिल्ली के लिए खेले और उसके बाद आरसीबी का दामन थाम लिया। इस फ्रेंचाइजी के साथ उनका खास लगाव रहा, जहां उन्हें विराट कोहली के रूप में एक बेहतरीन दोस्त मिला। क्रिकेट जगत में दोनों खिलाड़ियों की दोस्ती की मिसाल दी जाती है।