मौत से इतना डर क्यों?

अब तक ज्यादातर मौत को 

बताया जाता रहा है भयानक

और जीवन को सुंदर,

लेकिन बहुत बार देखा है मैंने 

उससे उलट भी

जीवन को भयानक होते

एवं मौत की नींद में लोगों को

चैन से सोते।

लम्बी कष्टदायक बीमारी से जूझते

किसी इंसान का मन करता है

रोज कामना कितनी बार मौत की,

जिंदगी में लगातार उत्पीड़न 

एवं अत्याचार का शिकार हो रहे लोग

हर दिन न जाने कितनी बार रहे

ईश्वर से मौत की भीख मांगते।

देह के साथ ही हैं सारे कष्ट

शारीरिक भी और मानसिक भी

नहीं जो देह तो चाहे दुनिया जले,

अज्ञात से भय की इंसानी प्रवृत्ति ही है

कारण मौत से इतने डर के पीछे

वरना तो बात इतनी सी है कि

इंसानों की तरह रूह भी 

बदल लेती है अपने‌ कपड़े।

                             जितेन्द्र 'कबीर'