विचारधारा

किसी व्यक्ति की विचारधारा,

उसके परिवेश को दर्शाती है।

हाव भाव बहुत कुछ बताते उसके,

मानसिकता को बतलाती है।


आधुनिकता के  इस युग में ,

रंग भी विचारधारा बताने लगे हैं।

कुछ रंग हिंदु बन गये,

कुछ मुसलमां कहलाने लगे हैं।


कलुषित विचारधारा वाले भी

भरे पड़े जीवन के इस बाज़ार में।

नहीं आता जिन्हें नारी सम्मान,

लगे रहते अभिलिप्सा और व्यभिचार में।


जैसी नींव से सिंचित होगा समाज,

हम वैसा ही परिवेश पायेंगे।

पनपेगी वैसी ही मानसिकता यहाँ,

या रोयेंगे या हर्षित बेला पायेंगे।


धरणी हमारी कह रही पुकार,

छोड़ो मृगतृष्णा और बुरा व्यवहार।

सात्विक विचारधारा का समावेश करो,

आने वाले नूतन कल में प्रवेश करो।


                        रीमा सिन्हा

                  लखनऊ-उत्तर प्रदेश