सैन्य काफिले पर उग्रवादी हमले मे कर्नल समेत जवानों की शहादत आन्तरिक सुरक्षा नीति की असफलता-प्रमोद तिवारी

सीडब्ल्यूसी मेंबर ने केन्द्रीय गृह मंत्री पर विफलता का फोड़ा ठीकरा, बोले-देश से माफी मांगे अमित शाह

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य एवं आउटरीच एण्ड कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रदेश प्रभारी प्रमोद तिवारी ने मणिपुर मे असम राइफल्स के काफिले पर उग्रवादियों द्वारा हमले मे कर्नल विप्लव त्रिपाठी समेत पांच जवानों की शहादत पर गहरी संवेदना प्रकट की है। वहीं श्री तिवारी ने सैन्य काफिले पर इस खौफनाक हमले को केंद्र सरकार की आंतरिक सुरक्षा नीति की असफलता करार दिया है। रविवार को यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी ने कहा कि आतंकियों द्वारा जिस तरह से सेना के कर्नल और पांच जवानों तथा कर्नल के परिवार के निर्दोष सदस्यों की जघन्य हत्या की गई यह सीधे तौर पर आतंकवादियों की केंद्र सरकार को सीधी चुनौती है। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देशवासियों से माफी मांगने को भी कहा है। कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि गृह मन्त्री अमित शाह को देश की सरहद पर इस उग्रवादी हमले की चुनौती का सामना करना चाहिये न कि आतंकवाद की इधर फिर बढ़ रही चिन्ताजनक घटनाओ से बेखबर हो अपने मंत्रालय की जिम्मेदारी की जगह यूपी मे भाजपा की डूबती नांव बचाने की उन्हें चिन्ता होनी चाहिये। श्री तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह संवेदनशील मंत्रालय मे अपने पद का दुरूपयोग करते हुए जिस तरह से राजनीतिक प्रचार मे वक्त लगा रहे है और देश को आतंकवादियों और उग्रवादियों के रहमोकरम पर छोड रहे है यह अत्यन्त राष्ट्रीय चिन्ता का विषय है। कर्नल जैसे उच्च सैन्य पद के परिवारजनों सहित पांच जवानो की यह निर्मम हत्या पूर्वोत्तर राज्यों के मौजूदा चिंताजनक हालात देश को परेशान कर उठा है। उन्होनें गृह मंत्री पर तंज कसा कि वह वाराणसी मे आतंकवाद पर जुबानी हमले की जगह अब आतंकियों को उन्हीें की भाषा मे कड़ा जबाब देने का नैतिक साहस दिखलाये। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी बयान मे प्रमोद तिवारी ने गृहमंत्री अमित शाह के ढाई साल के कार्यकाल को पूरी तरह असफल ठहराते हुए कहा है कि शाह के कार्यकाल मे उग्रवाद और आतंकवाद की घटनाओं मे लगातार बढोत्तरी बेहद अफसोसजनक तस्वीर बयां कर रही है।