निमोनिया में क्या खाएं और क्या नहीं

बदलते मौसम के साथ निमोनिया की समस्या भी काफी देखने को मिलती है, जिसका कारण कमजोर इम्यून सिस्टम है। यह बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, किसी को भी हो सकता है। यह फेफड़ों में वायरल व बैक्टीरियल इंफैक्शन के कारण हो जाता है जिसे अगर समय रहते कंट्रोल ना किया जाए तो इससे फेफड़ों में सूजन व पानी भरने की समस्या हो सकती है। दवा के साथ-साथ निमोनिया में तेजी से रिकवरी के लिए सही डाइट प्लान लेना बहुत जरूरी है। आज हम आपको यही बताएंगे कि निमोनिया में क्या खाएं- क्या नहीं और पूरा डाइट प्लान।

निमोनिया में क्या खाएं और क्या नहीं?

निमोनिया हो जाए तो अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, काली मिर्च, अदरक, पालक का जूस, साबुत अनाज, दलिया, सूप और खिचड़ी खाएं। भोजन में हल्दी जरूर डालें। साथ ही जंक फूड्स, मसालेदार भोजन, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स से जितना हो सके दूर रहें।

निमोनिया में रिकवरी के लिए डाइट चार्ट

ब्रेकफास्ट 

नाश्ता दिन का सबसे जरूर मील है क्योंकि इससे मेटाबॉलिज्म को स्टार्ट मिलता है और दिनभर एनर्जी भी। ऐसे में अगर भी दिनभर एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो ब्रेकफास्ट में दूध-कॉर्नफ्लैक्स, मसूर दाल का सूप या कस्टर्ड के साथ टोस्ट लें।

मिड मिल 

मिड मिल करीब 11 बजे के आसपास लें। इसमें नारियल पानी, सेब या 1 पका हुआ केला, एक कप अंगूर, संतरे या अनार का रस ले सकते हैं।

दोपहर का खाना 

करीब 2 बजे लंच कर लें और ध्यान रखें कि भोजन के बाद कम से कम 10-15 मिनट टहलें जरूर। लंच में उबले चावल, पीली मटर दाल करी लें। आप चाहे तो उबले चावल के सात उबले अंडे भी खा सकते हैं।

ईवनिंग स्नैक्स 

आपका शाम का नाश्ता करीब 4ः30 के आसपास होना चाहिए। इनमें सब्जी का मिक्स सूप (पालक, मशरूम, टमाटर) या चिकन सूप लें।

रात का खाना 

डिनर में आप उबले हुए चावल के साथ मैश्ड आलू , 1 चम्मच देसी घी या दाल लें। ध्यान रखें कि जितना हो सके रात के समय हल्का-फुल्का खाएं। इससे पाचन क्रिया सही रहेगी। डिनर के बाद थोड़ी-देर टहलना ना भूलें।