--------- तीखा तीर --------

जाति-पन्ती  सोच  को  लाकर 

समाज  को  बांट  रहे  हैं  लोग 

वोट  ब्यापारी  फैला  रहे चादर 

कर  रहे  नित  नये  नये  प्रयोग 

सिर्फ   कुर्सी   दिला  दे  जनता 

सत्ता   का   फिर  भोंगेगे  भोग 

-------- वीरेन्द्र  तोमर