यूपी पुलिस के तबादलों में कही खददर धारियों का तो दखल नही

रसूखदारों पर खुलकर मेहरबान है अफसर, तबादलों में कर रहे खेल

लखनऊ। प्रदेश के जिलो व रेन्जो तथा जोनों में लम्बे समय पर जमे रसूखदार निरीक्षक व दरोगाओं के तबादले पुलिस मुख्यालय द्वारा नही किये जा रहे है जबकि कम समय से तैनात निरीक्षक व दरोगा तेजी से हटाए जा रहे है। यह खेल किसी एक जगह नही हो रहा है बल्कि प्रदेश की प्रत्येक रेंज व जोन में चल रहा है। वही सिपाहियों के तबादलों में तो और भी मनमानी सामने आ रही है। यूपी की राजधानी लखनऊ में लंबे समय से जमें डीसीपी क्राइम के पेशकार बागीश दत्त पांडेय बीते 32 वर्षो से यह जीआरपी लखनऊ व फैजाबाद तथा जनपद फैजाबाद,सीएसजेएन नगर,अम्बेडकर नगर,फैजाबाद, लखनऊ घूम-घूम कर जमे हुए है। इनका बीते दिनों तबादला भी हुआ था लेकिन अब भी वह लखनऊ में ही तैनात है। इसके अलावा भी अन्य लोग तैनात है। वही अन्य जोन व रेन्जो में भी तमाम लोग तैनात है। इसके अलावा रेन्जो व जोनों में टाइम पूर्ण करने वाले तमाम निरीक्षक व दरोगा पुलिस मुख्यालयों व अन्य इकाइयों में मौज काट रहे रहे है लेकिन स्थापना से उनका तबादला नही किया जा रहा है तमाम निरीक्षक कम समय के होने के कारण लगातार तबादले हो रहे है। पता चला है कि अपने रसूख के चलते इंस्पेक्टर व दरोगा नियमो के बिपरीत रेंज व जोन में जमें हुए है। जबकि सरकार के स्पष्ट निर्देश है। ट्रांसफर व पोस्टिंग में नियमों का पालन किया जाए। लेकिन डीजीपी कार्यालय द्वारा सरकार के नियमो का पालन नही किया जा रहा है। सूत्र बताते है कि कोई अपनी जरूरत व परेशानी के मुताबिक अपनी तैनाती का प्रार्थना पत्र देता है तो उस पर तमाम नियम व कानून बताकर उसकी इक्षा के मुताबिक तबादला नही किया जाता है लेकिन नियमो के बिपरीत प्रभाव के बल पर जमे कर्मी पूरी तरीके से मौज काट रहे है यही नही यह अफसर भी इस प्रकार के लोगो को पसन्द कर रहे है लेकिन डीजीपी मुख्यालय से होने वाले तबादलों की तरफ कोई भी ध्यान नही दे रहा है। सूत्र बताते है कि स्थापना में तैनात अफसर डीजीपी को अंधेरे में रख कर मनमाने तरीके से तबादले कर रहे है। लेकिन इस ओर शासन व प्रशासन की नजर नही जा रही है। सबसे अहम बात यह है कि जिन लोगो का रेंज व जोन में टाइम पूर्ण नही हुआ उन लोगो के दूर दूर तबादले कर उन्हें परेशानी में डाला जा रहा है तैनाती में रेंज व जोन तथा जिलो में तैनाती के मानक का भी कोई ख्याल नही रखा जा रहा है मनमाने तरीके से हो रहे तबादलों से अंदर खाने से पुलिस कर्मियों में आक्रोश भी पनप रहा है लेकिन इस पर किसी की भी नजर नही जा रही है। तबादलों को राजनीति से दूर रखने के निर्देश होने के बाद भी तमाम नेताओ के पैड पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की शिफारिशें हो रही है। लेकिन यह अफसर इस तरह के लोगो के तबादले पहले कर नियमो का खुला उलंघन कर रहे है। लोगो का मानना है कि यदि तबादलों की बेहतर ढंग से समीक्षा की जाए तो डीजीपी के स्थापना अनुभाग के अफसरों की कलई खुलकर सामने आ जायेगी। लेकिन इस तरफ बड़े अफसर अपनी नजरें इनायत नही कर रहे है जिसके चलते लगातार मनमानी बढ़ रही है। लोगो का यह भी मानना है कि इस तरह के रसूखदार दरोगा व सिपाहियों को संरक्षण क्यो दिया जा रहा है। इसके पीछे के कारणों की जांच की जाए तो बड़ा खुलासा होने की उम्मीद जताई गई है।