कुछ अनकही सी बातें

कभी नयनों मैं नीर भर लायें,

कभी खुशी के आँसू छलकायें।

कभी रोते हुए को हँसाए,

कभी ह्रदय में क्रोध बढ़ाएँ।।

          कुछ अनकही सी बातें...


कभी अतीत के पार ले जाएँ 

कभी वर्तमान के स्वप्न दिखाएँ।

कभी भविष्य की कल्पना कराएँ,

कभी वक्त पर हावी हो जाएँ।।

           कुछ अनकही सी बातें...


  कभी प्रिय की याद दिलाएँ,

  कभी ह्रदय में शूल चुभायें।

  कभी राहों में फूल बिछाएँ,

  कभी रूह को तड़पा जाएँ।।

           कुछ अनकही सी बातें...


  कभी मीठे पलों की याद दिलाएँ,

  कभी कानों में विष घोल जाएँ।

  कभी होठों पर आकर रुक जाएँ,

  कभी आंखों से सब बतलाएँ।।

             कुछ अनकही सी बातें...


गीता देवी

औरैया, उत्तर प्रदेश