छन्नूलाल मिश्रा और अखिलेश की भेंट, मुलाकात के लोग निकाल रहे सियासी मायने

लखनऊ। मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र पद्मविभूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं। वे 2014 में जब नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ने पहुंचे थे तो छन्नूलाल मिश्र ही उनके प्रस्तावक बने थे। छन्नूलाल मिश्र की सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ आज बुधवार को वाराणसी एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को पूर्वांचल के गाजीपुर में जनसभा को संबोधित करने के लिए वाराणसी के एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र के साथ हुई। इस मुलाकात की तस्वीर समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर दी है। अखिलेश यादव के साथ भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर एक सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं तो बगल वाले दूसरे सोफे पर छन्नूलाल मिश्र और उनके एक साथी भी हैं।वाराणसी एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव और छन्नूलाल मिश्र के बीच क्या बातचीत हुई है। यह बात सामने नहीं आ सकी है। तस्वीर में अखिलेश यादव और छन्नूलाल मिश्र आपस में बात कर रहे हैं, राजभर ध्यान से सुन रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में छन्नूलाल मिश्र की बड़ी बेटी संगीता मिश्र की वाराणसी के ही एक निजी अस्पताल में कोविड-19 से मौत हो गई थी। इससे छन्नूलाल मिश्र काफी दुखी हुए थे और उन्होंने मीडिया के सामने आकर न्याय की गुहार लगाई थी। छन्नूलाल मिश्र ने कहा था, श्मैं अपनी बेटी की मौत से इतना दुखी हूं कि बता नहीं सकता। सोचता रहता हूं कि आखिर उसके साथ क्या हुआ होगा, इसीलिए हम सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग कर रहें हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।सात दिनों के अंदर ही बेटी की मौत हो गई। छन्नूलाल मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी। घटना के बाद से छन्नूलाल मिश्र और उनका परिवार काफी दुखी और नाराज माना जा रहा है। इस बीच अखिलेश संग उनकी तस्वीर आ गई है। छन्नूलाल मिश्र इस वक्त बनारस घराने के कला-संगीत क्षेत्र के अहम प्रतिनिधि है। यूपीए सरकार के दौरान 2010 में छन्नूलाल मिश्र को पद्मभूषण और उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार में यश भारती सम्मान के नवाजा गया है। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तो छन्नूलाल मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे। 5 साल के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के प्रस्तावक नहीं थे। 2019 के चुनाव में छन्नूलाल मिश्र से कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय उनसे आशिर्वाद लेने पहुंचे थे। अजय राय की पीठ ठोंकते छन्नूलाल मिश्र की तस्वीर कांग्रेस के सोशल पर छा गई थी।