बाल दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व राज्य महिला आयोग की अध्यक्षता में संपन्न हुआ कार्यक्रम

मऊ जनपद में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर प्रभारी जिला जज बुद्धिसागर मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण हेतु विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन रविवार को शारदा नारायण के बैठक कक्ष में किया गया। बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या श्रीमती अर्चना ने कहा कि भ्रूण हत्या को लेकर सरकार सचेत है लेकिन उसको लेकर हम सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि जब एक स्त्री ही किसी की मां है बहन है पत्नी है तो फिर  स्त्री के साथ ही ऐसा व्यवहार क्यों। राज्य सदस्या ने कहा कि समाज को बदलने की ताकत केवल महिलाओं के अंदर ही है, इसलिए आज के समय में महिला का जागरूक होना आवश्यक है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे जीवन की सबसे पहली प्राथमिकता यह होना चाहिए कि हम सभी महिलाओं का सम्मान करें, उन्होंने बताया कि परिवारिक मामलों में भी आप सीधे प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताया और उनसे यह अपील किया कि आपने यहां जो जाना है उसे जाकर अन्य महिलाओं को इसके बारे में बताएं और जागरूक करें। कार्यक्रम को डॉ. एकीका सिंह, डॉ. नम्रता श्रीवास्तव, गीता पाण्डेय, कंचन तिवारी,शहर बानो, निर्मला यादव, ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश श्रीवास्तव ने किया,कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास सिंह निकुम्भ, डॉ. सजीत सिंह, धीरज त्रिपाठी, सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।दूसरी ओर बाल संप्रेक्षण गृह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल दिवस व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या, प्राधिकरण सचिव मित्रेश सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डॉ संजय सिंह,एकीक सिंह, विकास सिंह निकुम्भ सहित जनपद के दर्जनों अधिकारियों ने सम्बोधित किया। संप्रेक्षण गिरी के किशोरों द्वारा प्रस्तुत गीत व डान्स प्रोग्राम ने सबका मन मोह लिया।