गांव-गांव में कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की तैयारी में कांग्रेस, रायपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के पंचायत प्रतिनिधि

रायपुर : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को दो साल बाकी है, लेकिन पार्टियों ने चुनावी तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। कांग्रेस के पंचायत राज सम्मेलन को चुनावी तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। 15 साल सत्ता से बाहर रहने के बाद कांग्रेस ने पंचायत स्तर पर संगठन का ढांचा खड़ा किया है और इसी फार्मूले पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी। कांग्रेस अब एक बार फिर गांव-गांव में कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की तैयारी में है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर 19 नवंबर को कांग्रेस पंचायत राज सम्मेलन करने जा रही है। 

रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम को भव्य बनाने संगठन के साथ मंत्री भी लगे हुए हैं। इस पंचायत राज सम्मेलन में पंच से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, कांग्रेस के सांसद और विधायक सहित सभी प्रमुख नेता शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तैयारियों का जायजा भी लिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सरकार की योजनाओं की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को दी जाएगी और उनका फीडबैल लिया जाएगा। नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में पंचायतों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी मंथन किया जायेगा। 

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 में होना है, लेकिन पार्टी संगठन को और मजबूत करना चाह रही है। इसी के तहत सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा है। इस पंचायत सम्मेलन का मकसद प्रदेश सरकार के कामकाज का फीडबैक लेना है। सम्मेलन में किसी भी तरह की कमी की बात सामने आती है तो उसे समय रहते दूर करने की रणनीति बनाई जाएगी। वहीं कांग्रेसी सरकार के बारे में जनता क्या सोचती है यह भी पता चल जाएगा। पार्टी को भरोसा है कि सरकार की नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी योजना का असर गांव की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठा है।