सूक्ष्मजीवों की सहायता से त्वरित कम्पोस्टिंग तकनीकी एवं उद्यमिता विकास पर 6 दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया

आजमगढ़ ।आज दिनांक 15-11-2021 को आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा आजमगढ़ पर भारत का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत डीबीटी बायोटेक किसान परियोजना के अन्तर्गत सूक्ष्मजीवों की सहायता से त्वरित कम्पोस्टिंग तकनीकी एवं उद्यमिता विकास पर 6 दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के राजेश सिंह "महुआरी" और डॉ वी0 मागेश्वरन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव ब्यूरो, कुशमौर मऊ ने संयुक्त रूप से किया। डॉ मागेश्वरन ने सूक्ष्मजीव ब्यूरो द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी तथा सूक्ष्मजीवों की सहायता से त्वरित कम्पोस्टिंग तकनीकी के बारे में विस्तार से बताया। केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ आर के सिंह द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन तथा समन्वित कृषि प्रणाली के बारे में चर्चा की। डाॅ रुद्र प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक (फसल सुरक्षा) तथा सह अन्वेषक बायोटेक किसान परियोजना ने अपने संबोधन में बताया कि डीबीटी बायोटेक किसान हब परियोजनान्तर्गत सूक्ष्मजीव आधारित अनुकल्पों की सहायता से हम सभी जैविक कचरों को गुणवत्तायुक्त खाद में बदल कर मिट्टी की सेहत में सुधार कर सकते हैं। डॉ रणधीर नायक वरिष्ठ वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान) ने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप कंपोस्ट व वेस्ट डिकम्पोजर के उपयोग पर प्रकाश डाला। डॉ टी पाण्डियाराज, सहायक प्राध्यापक, कृषि महाविद्यालय कैंपस, कोटवा ने जैविक खेती में सूक्ष्मजीवों के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में उद्यमी किसान अशोक कुमार, राम अवतार, राज नरायण सिंह, सरोज यादव, साहब राज पाण्डेय, अमित त्रिपाठी, विपिन बिहारी, यशपाल सिंह सहित कुल 20 किसानों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में उद्यमी कृषकों को कम्पोस्ट बनाने की प्रायोगिक जानकारी भी दी गई।