लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद पंजाब सरकार से UP पुलिस का आग्रह

चंडीगढ़ : लखीमपुर खीरी में रविवार को हुए बवाल के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य से किसी को भी लखीमपुर खीरी नहीं जाने देने का आग्रह किया है। रविवार को हिंसा के बाद लखीमपुर में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई थी।

पंजाब के कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया कि जैसे 3 अक्तूबर, 1977 को इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी जनता पार्टी की सरकार की बर्बादी साबित हुई, वैसे ही तीन अक्तूबर, 2021 को प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत है। लखीमपुर खीरी में हुए बवाल के बाद सोमवार को किसान अमृतसर के भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और कार्यालय घेर लिया।

वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लखमीरपुर खीरी में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचलने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ तुरंत हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। 

दरअसल कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को यूपी में हिंसक टकराव हो गया। तिकुनियां कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की दो गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। 

मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक की मौत हो गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए।