JNU ने वर्चुअल दीक्षांत समारोह के अवसर पर 550 से अधिक छात्रों को दी PhD डिग्री

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने गुरुवार को वर्चुअल दीक्षांत समारोह के अवसर पर 550 से अधिक छात्रों को वर्चुअल डिग्री प्रदान की। यह जेएनयू का पांचवां दीक्षांत समारोह था। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संबोधन के दौरान पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को बधाई दी उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार करने और जनता और युवाओं को इस प्रक्रिया में योगदान करने के लिए सशक्त बनाने के लिए जेएनयू जैसे हमारे शैक्षणिक संस्थानों की मौलिक भूमिका है।

उन्होंने कहा कि तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद अब हमारे पास राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 है। जिसके माध्यम से भारत में हर बच्चे और युवाओं को समग्र शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। यह दूरदर्शी दस्तावेज उस भारत को बनाने पर जोर देगा जिसका हमारे पूर्वजों और महान दार्शनिकों ने सपना देखा था।

विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कहा कि महामारी के कारण यह आयोजन इस वर्ष भी वर्चुअल मोड में हुआ है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जेएनयू लगातार पांचवें वर्ष एनआईआरएफ रैंकिंग में भारत के विश्वविद्यालयों में नंबर दो के रूप में कायम है। उन्होंने महामारी के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा की गई पहलों के बारे में बात की, जिसमें टीकाकरण शिविर स्थापित करना, जेएनयू समुदाय के सदस्यों को मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना शामिल था।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अपनाया और विश्वविद्यालय ने एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का भी निर्णय लिया। विश्वविद्यालय दुर्लभ के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ भी बातचीत कर रहा है। इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में 11 स्कूलों, तीन विशेष केंद्रों में शोध करने वाले शोधार्थियों को 550 से अधिक पीएचडी डिग्री प्रदान की गई।