लखीमपुर खीरी में कुचलकर किसानों की मौत, हरियाणा में भड़के किसान, घेरा लघु सचिवालय

हरियाणा : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय मंत्री के बेटे की गाड़ी से कुचलकर किसानों की मौत के मामले में हरियाणा के किसानों में भारी रोष है। जींद में सोमवार सुबह जहां हिसार मार्ग पर स्थित रामराये गांव के बस स्टाप पर जाम लगा दिया। वहीं लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे किसान नेता सतबीर पहलवान ने कहा कि रामराये गांव में जाम लगाने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नहीं भाजपा के लोग हैं। किसानों ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन जारी रहेगा। व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। वहीं जींद में किसानों के दो धरने शुरू हो गए हैं। भाकियू चढ़ूनी गुट ने डीसी कार्यालय के नीचे पोर्च में धरना शुरू कर दिया है वहीं अन्य सभी संगठन लघु सचिवालय के बाहर डट गए हैं।

लखीमपुर खीरी की घटना के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने देश भर में डीसी कार्यालय पर धरना देने का आह्वान किया था। इसके चलते सुबह करीब साढ़े दस बजे किसान डीसी कार्यालय पहुंच गए। भारतीय किसान यूनियन के नेता रामराजी ढुल ने बताया कि अब साफ हो गया है कि सरकार हिंसा के दम पर किसान आंदोलन को दबाना चाहती है। साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इसी प्रकार का बयान देकर सरकार की मंशा साफ कर दी है। ऐसे में किसान पूरी तरह से अहिंसावादी आंदोलन चलाएंगे।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करें। यदि सरकार की तरफ से हिंसा होती है, तो भी किसान शांतिपूर्ण तरीके से ही आंदोलन चलाएं। इस दौरान खटकड़ टोल के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि पिछले दस महीने में जब भी हिंसा हुई है, सरकार के द्वारा ही की गई है।

यमुनानगर में किसान लघु सचिवालय पर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं दोपहर में कांग्रेस भी प्रदर्शन करेगी। वहीं सोनीपत के गोहाना में फव्वारा चौक पर भारतीय किसान यूनियन के साथ जन संघर्ष मंच व समतामूलक महिला संगठन के सदस्यों ने केंद्र व प्रदेश सरकार का पुतला जताया। इस दौरान किसानों ने कहा कि मामले में आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए। केंद्र सरकार राज्य मंत्री को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करे।

फतेहाबाद में संयुक्त किसान मोर्चा के संदेश पर स्थानीय किसानों ने लघु सचिवालय के मेन गेट पर बैठ कर रोष जताया। किसानों ने मेन गेट से होने वाले आवागमन को रोक दिया। किसानों के प्रदर्शन के चलते भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने लघु सचिवालय के दूसरे गेट से कर्मचारियों व नागरिकों के आवागमन की व्यवस्था की। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेता योगेंद्र भूथनकलां ने बताया कि लखीमपुर में भाजपा के केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी। इस कारण अब तक आठ किसानों की मौत हो चुकी है। वहीं, यूपी सरकार वहां जा रहे नेताओं को भी रोकने में जुटी हुई है। इसी के विरोधस्वरूप संयुक्त किसान मोर्चा ने हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के निर्देश जारी किए हैं। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के वीडियो को लेकर भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह किसानों के विरोध में लठ उठाने की बात कहना उचित नहीं है। इससे प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश की बू आ रही है।