मंडी उपचुनाव: ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सीएम जयराम की मौजूदगी में भरा नामांकन, बोले- टिकट मिलना मेरे लिए गौरव की बात

मंडी : मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि टिकट मिलना मेरे लिए गौरव की बात है। आलाकमान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मुझे मौका दिया है। आप सब के आशीर्वाद और सहयोग से इस जिम्मेवारी पर खरा उतरूंगा। हिमाचल के देवी-देवताओं को, वीर-रणबांकुरों को, जिनकी हिमाचल रणभूमि है। सेरी मंच पर आपके समक्ष बोल रहा हूं, रामस्वरूप की कमी खल रही है।

उनको श्रद्धा के फूल अर्पित करता हूं और वीरभद्र को भी श्रद्धांजलि देता हूं। राजनीतिक भाषा नहीं जानता। सरकाघाट में पैदा हुआ अब नगवाई में हूं। सेरी मंच से 1970 से जुड़ा हूं। पटवारी भी रहा। सेना में 35 साल काम करने का मौका मिला। ऐसा कहा जाता है की एक फौजी जो है फौजी ही रहता है। एक सैनिक होने के नाते विश्वास दिलाता हूं कि आपकी आशाओं पर खरा उतरूंगा। फोरलेन, हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर केंद्र में आवाज बुलंद करूंगा। जिस तरह तोलोलिंग में विजय झंडा फहराया है, उसी तरह मंडी में भी जीत का ध्वज फहराऊंगा।

इससे पहले खुशाल ठाकुर ने सीएम जयराम ठाकुर की मौजूदगी में नामांकन भरा। प्रदेश में उपचुनाव का यह पहला नामांकन है। नामांकन से पहले ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने टारना माता मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। पार्टी के हेलीकॉप्टर की उपलब्धता न होने के चलते सीएम सड़क मार्ग से करीब पौने 12 बजे पहुंचे। शुक्रवार को सीएम हेलीकॉप्टर मिलने के बाद फतेहपुर और जुब्बल में नामांकन के लिए जाएंगे। 

उधर टिकट मिलने की औपचारिक घोषणा के लिए कार्यकर्ताओं को सुबह तक का इंतजार करना पड़ा। टिकट की घोषणा होते ही ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने नामांकन भरा। इस दौरान सेरी मंच पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों से गूंज उठा। शक्ति प्रदर्शन के लिए भाजपा ने पूरी तैयारी की है। इस दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप आदि मौजूद रहे।

टिकट न मिलने पर महेश्वर सिंह ने कहा कि जो भी निर्णय आलाकमान ने लिए हैं- सिर माथे पर, ज्यादा बोलना भी सही नहीं। मेरे भीतर कोई कमी रही होगी, पार्टी ने जो निर्णय लिया है वह सही है। आज ऐसा संयोग है कि मुख़्यमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से हैं। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर से विनम्र निवेदन है कि भोली भाली जनता दूरदराज में ज्यादा है। उन लोगों की सेवा करें।