श्रीराम विहार कालोनी मत कहिए जनाब यह तो नरक विहार है

बलिया। तीन महीने से कभी सुखा तो कभी डूब यही सत्यता है नगर की सबसे अच्छी कहे जानेवाली श्रीराम विहार कालोनी की ।प्रतिवर्ष जब बरसात शुरू होता है तो मोहल्ला वासी परेशान होते हैं कि इस वर्ष क्या होगा और हर वर्ष वरसात में इस मोहल्ले की सड़कों पर महीनों पानी लगता है और बरसात का पानी  सड़ता है और मोहल्ला निवासी कर भी सकते लाखों करोड़ो के मकान छोड़कर जाय तो कहाँ जायं लेकिन इस वर्ष तो बरसात ने ऐसा कहर ढाया कि सड़क तो डूबी ही लोगों के घरों के भूतल पर महिनों से पानी लगा है और सड़न बदबू से लोग परेशान हैं एक घर होता तो यहां से लोग अन्यत्र चले जाते लेकिन यहां तो सैकड़ो घर हैं जहाँ हजारों लोग रहते हैं और इन घरों में अधिकतर वरिष्ठ नागरिक रहते हैं कैसे लोग विमार पड़ेंगे तो बाहर जाएंगे यह बड़ी समष्या है पानी निकासी की ब्यवस्था करने के बजाय बलिया बांसडीह मार्ग से प्रवेश करने वाले मार्ग पर मीट्टी डाल कर रास्ता रोक दिया गया है ।यह स्थिति कल्पना कालोनी सहित अन्य कालोनियों की है।मोहल्ले की महिलाओं पुरुषों का कहना है कि यह कालोनी अब नरकविहार हो गयी है इस सड़ते पानी की बदबू से कब संक्रामक बीमारी फैल जाय कुछ नहीं कहा जा सकता हैऐसे मे शहर के अधिकांश मोहल्ले जलजमाव से घिरे हैं ।जलजमाव के चलते ही जिला जेल के सभी कैदियों को प्रदेश की अन्य जेलों में भेजा गया है।पानी का लगना केवल इसी वर्ष की बात नहीं पिछले वर्ष भी जिला जेल में जल भराव के कारण कैदियों को अनःयत्र भेजा गया था।इतना सब होने के बाद भी इस समष्या का स्थाई समाधान के बारे में न तो नगरपालिका सोच रही है और ना ही जिला प्रशासन।