अरुणोदय का लोहित वर्ण

अरुणोदय का लोहित वर्ण,

मुक्ताहल सा प्रेमप्रसंग,

प्रीत मेरा, सपनों के इन्द्रधनुष

का सबसे उजला रंग।

मृदु स्वप्निल पँखों पर सजी

यह सितारों की दुनियां,

हर पल मधुमास झूमे गाये,

सुवासित हुआ अंग अंग।


फाग राग पर नाचे मयूरा,

अलि मुकुल मोहपाश में बंद,

तीस्ता सी बलखाती,

अल्हड़ यौवन का वो बाँकपन।

मुदित नयन में सतरंगी सपने,

सावन का वो हरा रंग,

प्रतिपल उस छवि में ढूँढूँ

खुद को बन के मैं अनंग।


             रीमा सिन्हा(लखनऊ)