तेज आंधी व पानी में धान की फसल तबाह

बहराइच। जंगल से सटे गांवों में देर रात को तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश और आंधी लगभग दो घंटे तक जारी रही। जिससे किसानों की धान लगी फसल खेतों में ही गिर गई। किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक लगभग 15 दिन बाद सभी धान की कटाई शुरू करने वाले थे। मिहींपुरवा विकास खंड कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र के किनारे बसा हुआ है। आए दिन बादल बनने के साथ बारिश और तेज आंधी शुरू हो जाती है। देर रात तीन बजे के आसपास तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। 

आंधी के साथ ही कुछ देर में बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी और बारिश का सिलसिला डेढ़ से दो घंटे तक चला। बारिश के बीच ही तेज हवाएं चलने से खेत में लगी धान की फसल गिर गई। बाली लगी फसल हवा और बारिश को नहीं रोक सकीं। जिससे फसलें जमीन पर गिर गईं। किसानों के मुताबिक उनका काफी नुकसान हो गया है। बारिश से जंगल से सटे गांव पचासा, बेझा, लौकहिया, धर्मपुर, सेमरी मलमला, कठौतिया, महाराज सिंह के किसानों को नुकसान हुआ है। 

पचासा गांव निवासी किसान शमशेर सिंह, अंग्रेज सिंह, गुरुलाल सिंह, भोला, रामजुगुल व संतोष की 70 से 80 बीघा धान की फसल नष्ट हो गई है। किसानों ने बताया कि जून माह के अंत में बोआई की गई थी। लगभग 15 दिन बाद कटान करनी थी। लेकिन आंधी और बारिश में फसल चौपट हो गई। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि क्षेत्रीय राजस्व कर्मियों और कृषि अधिकारियों की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।