अस्थमा मरीजों के लिए खतरनाक जहरीली हवा, इससे बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

कई ऐसी चीजें हैं जो हमारी सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होती हैं और इन्हीं में से एक है वायु प्रदूषण। ये मानव शरीर के अंदर पहुंचकर बेहद घातक हो सकता है और कई तरीकों से हमें नुकसान पहुंचा सकता है। आमतौर पर देखा जाता है कि जब कोई शख्स प्रदूषण की चपेट मे आता है, तो उसको खांसी, गले में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी चीजें देखी जाती है। लेकिन अस्थमा के मरीजों के लिए ये कई गुना तक खतरनाक हो सकता है। वहीं, अब आने वाला मौसम ठंड का है, तो ऐसे में ये वायु प्रदूषण अस्थमा के मरीजों के लिए और भी ज्यादा खतरा पैदा कर सकता है। बात अगर राजधानी दिल्ली की ही करें, तो यहां हालात काफी खराब होते हुए नजर आ रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रविवार को दिल्ली का सामान्य गुणवत्ता सूचकांक 168 बताया। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आप कैसे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। तो चलिए जानते हैं।

ये हैं अस्थमा के लक्षण:-

-सांस लेने में तकलीफ

-दम घुटना

-सांस लेते वक्त दिक्कत महसूस होना

-सांस का फूलना

-खांसी होना और कफ आना

-छाती में दिक्कत आदि।

इन तरीकों से करें खुद का बचाव:-

बाहर न जाएं

अगर आप अस्थमा के मरीज हैं, तो आपको सर्दी के दिनों में और प्रदूषण में बाहर नहीं जाना चाहिए। घर पर रहें और सुरक्षित रहें, क्योंकि बाहर जाने से आपकी दिक्कतें काफी बढ़ सकती हैं।

बाहर जाते समय उठाएं ये कदम

वैसे तो आपको घर से बाहर नहीं जाना चाहिए, लेकिन अस्पताल जाने के लिए या किसी अन्य जरूरी काम के लिए अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं, और अगर आपके आसपास धूल-मिट्टी हो रही है, तो तुरंत मास्क या किसी अन्य कपड़े से अपना मुंह जरूर ढक लें।

इनहेलर रखें साथ

अस्थमा के मरीजों के लिए सबसे जरूरी चीज है कि वो अपना इनहेलर साथ रखें और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल हमेशा करें। इसके अलावा खुली जगह जैसे खुला कमरा आदि जगहों पर ही रहें।

परेशनी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें

ध्यान रहे कि अगर आपको परेशानी हो रही है या फिर आपकी समस्या बढ़ रही है, तो आपको खुद से डॉक्टर बनने की जगह पर अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते आपकी दिक्कतों को दूर किया जा सके।