माँ शैलपुत्री

नौ दुर्गा में सर्वप्रथम आता आपका स्थान,

वृषारूढ़ा शैलपुत्री माँ करो कल्याण।


वामहस्त कमल, दाएं विराजत त्रिशूल,

जग कल्याणी माँ तुम अटल अच्युत।

भवतारिणी तुम कष्टों का करो निदान,

वृषारूढ़ा शैलपुत्री माँ करो कल्याण...


तुम में निहित जगत का सार ,

तुम हिमाद्रि का हो आधार।

अडिग निर्मल आचरण का दो वरदान,

वृषारूढ़ा शैलपुत्री माँ करो कल्याण...


दुर्गा,चंडिका,भवानी, जगदम्बा,

 कल्याणी,सुभद्रा,कालिका,अम्बा।

हर नाम का तुम्हारे करूँ गुणगान।

वृषारूढ़ा शैलपुत्री माँ करो कल्याण...


दुष्टों का संहार करो माँ,

नारी अपमान का ध्यान रखो माँ,

तुम सर्वज्ञ हो,मैं क्या करूँ तेरा बखान।

वृषारूढ़ा शैलपुत्री माँ करो कल्याण...


              रीमा सिन्हा (लखनऊ)