लखीमपुर में किसानों की मौत पर बवाल, सियासी उबाल के बीच लखीमपुर पहुंच गए प्रियंका और राकेश टिकैत

लखीमपुर : कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव में आठ लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। सियासी उबाल के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लखीमपुर पहुंच गई हैं लेकिन उन्हे पीड़ितों ने नहीं मिलने दिया गया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत भी खीरी पहुंच गए हैं। 

लखीमपुर के बनबीरपुर गांव में राकेश टिकैत ने संवाददाताओं से कहा कि हम पहले किसानों और ग्रामीणों से मिलेंगे और उनके साथ स्थिति पर चर्चा करेंगे। ग्रामीणों और किसानों से चर्चा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनका फैसला मान्य होगा। इस बीच यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने दावा किया है कि प्रियंका गांधी को हरगांव से गिरफ्तार किया गया। प्रियंका के अलावा कई और नेता भी आज लखीमपुर खीरी पहुंचने वाले हैं। 

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर चर्चा के लिए रविवार को मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में तत्काल एक पंचायत बुलाई और सोमवार को देश भर के हर जिले में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की अध्यक्षता में सिसौली गांव में हुई पंचायत में लिया गया। मलिक ने कहा यह तय किया गया है कि किसानों के समूह हर जिले में जिला प्रशासन के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

पंचायत के दौरान, भाकियू ने संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा लिए गए निर्णय पर टिके रहने का भी संकल्प लिया, जो नवंबर 2020 से केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध का नेतृत्व कर रहा है। 

लखीमपुर में हुई घटना के विरोध में आज कई नेता खीरी पहुंचेंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लखीमपुर जाने का फैसला किया है। उन्होंने ट्विटर पर बताया कि उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ जो वहशी व्यवहार हुआ वह अक्षम्य है। मैं किसान हूं। किसान का दर्द समझता हूं। इन कठिन परिस्थितियों में उनके साथ खड़े होने के लिए लखीमपुर जाउंगा। राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया जयंत चौधरी भी सोमवार को लखीमपुर खीरी पहुंच रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि किसान का खून बहाया गया है। सोमवार घटनास्थल पर पहुंचूंगा।

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सोमवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाएंगे और वहां की स्थिति का मौके पर जायजा लेंगे। रंधावा ने कहा कि वह पीड़ितों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं और वहां की स्थिति के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानकारी लेना चाहते हैं। डिप्टी सीएम के साथ अधिकारियों की एक टीम भी होगी। रंधावा ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए किसानों से हर कीमत पर शांति बनाए रखने की अपील की है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सुबह कुछ नेताओ के साथ खीरी के लिए निकलेंगे। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओ को सुबह पार्टी कार्यालय बुलाया है। सपा अध्यक्ष का संदेश लेकर मौके पर पहुंचे एमएलसी शशांक यादव ने बताया कि संदेश में किसानों के साथ रहने, हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि वे (अखिलेश ) जल्द पहुंचेंगे किसानों के बीच।

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहा कि लखीमपुर की घटना में सरकार ने अपना अमानवीय चेहरा दर्शा दिया है। जब सरकार किसान आंदोलन को नहीं कुचल पाई तो अब सरकार ने किसानों को ही गाड़ी के नीचे कुचलना शुरू कर दिया। सरकार ने यह सब करके अपने ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है।  

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में हल्की धाराएं लगती हैं, इसलिए किसानों को जानबूझकर कार से रौंदा गया। उन्होंने कहा कि मंत्री-नेताओं की गाड़ी में गुंडे घूमते हैं। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। किसानों को जानबूझ कर रौंदा गया है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की जाए।